Rajasthan: नजदीक होकर भी दूरी क्यों, साथ बैठने के बाद भी मोदी और राजे के बीच नहीं हुआ दुआ-सलाम, क्या है इसके मायने?

राजस्थान में मोदी लगातार आ रहे है और चुनावी सभाएं कर रहे है, उधर वसुंधरा राजे है की पीएम मोदी की कोई भी सभा में जाए बिना नहीं रहती है।

Rajasthan:  नजदीक होकर भी दूरी क्यों, साथ बैठने के बाद भी मोदी और राजे के बीच नहीं हुआ दुआ-सलाम, क्या है इसके मायने?

इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में मोदी लगातार आ रहे है और चुनावी सभाएं कर रहे है, उधर वसुंधरा राजे है की पीएम मोदी की कोई भी सभा में जाए बिना नहीं रहती है। पीएम के साथ मंच भी साझा करती है, लेकिन दाेनों के बीच में बात तो दूर दुआ सलाम भी नहीं होती है। वैसे तो इस बार के चुनाव में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने राजे को कोई जिम्मेदारी नहीं दी है और न ही सीएम फेस बनाया है।

ऐसे में पीएम मोदी का रूख भी ये बताता है की अब शायद राजे का युग पूरा हो रहा है और किसी और के राजतिलक की तैयारी है। गुरूवार को भी जोधपुर में यही देखने को मिला। सियासी जानकारों की नजरें मंच पर मौजूद वसुंधरा राजे पर थीं। सबसे खास बात यह रही कि पीएम मोदी मंच पर करीब एक घंटे रहे। इस दौरान उनके समीप ही वसुंधरा राजे बैठी थीं, लेकिन पीएम और वसुंधरा राजे के बीच किसी भी तरह की चर्चा नहीं हुई। 

राजस्थान में वसुंधरा राजे कैंप लंबे समय से राजे को ही सीएम फेस घोषित करने की मांग करता रहा है। लेकिन पीएम मोदी ने कमल के निशान पर चुनाव लड़ने की बात कहकर वसुंधरा राजे कैंप को तगड़ा झटका दे दिया। ऐसा माना जा रहा है कि वसुंधरा राजे सीएम फेस नहीं बनाए जाने से नाराज है। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच किसी तरह की कोई बात भी नहीं होती। इतना हीं नहीं राजे को दोनों तीनों सभाओं में बोलने का मौका भी नहीं दिया गया है। 

pc- parbhat khabar