हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा का विशेष महत्व है। हालांकि, शास्त्रों में कुछ देवी-देवताओं की मूर्तियों को घर के मंदिर में रखने की मनाही की गई है। ऐसा माना जाता है कि इन मूर्तियों को घर में रखने से नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है, जिससे परिवार को आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं उन प्रमुख मूर्तियों के बारे में जिन्हें घर के मंदिर में रखने से बचना चाहिए।
भैरवनाथ भगवान शिव के रौद्र अवतार माने जाते हैं। उनकी पूजा आमतौर पर ऊपरी बाधाओं से बचने और विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए की जाती है।
क्यों नहीं रखें भैरवनाथ की मूर्ति?
क्या करें?
भैरवनाथ की पूजा केवल उनके मंदिर में करें।
शनिदेव को न्याय के देवता माना जाता है। उनकी पूजा विशेष रूप से शनिवार को की जाती है।
क्यों नहीं रखें शनिदेव की मूर्ति?
क्या करें?
शनिदेव की पूजा उनके मंदिर में जाकर करें।
राहु और केतु को छाया ग्रह के रूप में जाना जाता है।
क्यों नहीं रखें राहु-केतु की मूर्तियां?
क्या करें?
इनकी पूजा भी केवल उनके मंदिर में ही करें।