बॉबी देओल के आगामी प्रोजेक्ट्स में ज्यादातर दक्षिण भारतीय फिल्में शामिल हैं, जहां वह सभी में विलेन की भूमिका निभा रहे हैं। तो सवाल यह है कि दक्षिण के निर्माता उन्हें अपनी फिल्मों में कास्ट करने के लिए इतने उत्साहित क्यों हैं? आइए, इसके पीछे के कारणों को समझने की कोशिश करते हैं।
'एनिमल' के बाद मिली पहचान
'एनिमल' के रिलीज़ के बाद बॉबी देओल ने विलेन के रूप में एक मजबूत वापसी की। इस फिल्म में उनके प्रदर्शन ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई, खासकर दक्षिण के दर्शकों में।
पैन इंडिया फिल्मों का चलन
'बाहुबली', 'पुष्पा', और 'KGF' जैसी फिल्मों के बाद, दक्षिण के निर्माता पैन इंडिया फिल्मों के लिए उत्सुक हो गए हैं। बॉलीवुड का एक जाना-पहचाना चेहरा उनके लिए फिल्म की सफलता में मददगार हो सकता है।
कम लागत पर सही विकल्प
बड़े सितारों की तुलना में बॉबी देओल की फीस काफी कम है। उदाहरण के लिए, 'थलापति69' में वह केवल 5 करोड़ रुपये ले रहे हैं, जबकि बड़े सितारों को समान भूमिका के लिए 20-25 करोड़ रुपये मिलते हैं।
विलेन की नई छवि में फिट
बॉबी की लंबी दाढ़ी और मजबूत काया उन्हें हाल के विलेन की छवि में फिट बैठाते हैं, जिससे दक्षिण के निर्माता उन्हें चुन रहे हैं।
90 के दशक की स्टारडम
बॉबी देओल की 90 के दशक की स्टारडम का भी इसमें योगदान है। दर्शक उन्हें फिर से चमकते हुए देखने के लिए उत्सुक हैं, और दक्षिण के निर्माता इस भावना का लाभ उठाना चाहते हैं।
इस प्रकार, बॉबी देओल का करियर एक नई दिशा में बढ़ रहा है, और वह दक्षिण भारतीय सिनेमा में विलेन के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं।
PC - STAR BIOPIC