इंटरनेट डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देशों के बीच समझौता मूर्त रूप नहीं ले सका है। अमेरिका की ओर से करीब एक महीने बाद ईरान पर फिर से हमला किया गया है।
खबरों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के लारक द्वीप पर दो रॉकेट लॉन्चर्स को निशाना बनाया गया। लारक द्वीप होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित है। अमेरिका से मिली जानकारी के अनुसार, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के जवान यहां से होर्मुज स्ट्रेट में रॉकेट और समुद्री बारूदी सुरंगें लॉन्च करने की तैयारी कर रहे थे।
ईरानी सेना ने की ओर से से हमले में कई सैनिक और नागरिकों के मारे जाने का दावा किया गया है। जबकि कई लोग घायल हुए हैं। अमेरिकी हमले के कुछ समय बाद ईरान की ओर से जॉर्डन में दो अमेरिकी एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया गया है। खबरों के मुताबिक, किंग हुसैन और अल-अजराक एयरबेस के तकनीकी एवं रखरखाव ढांचे और लड़ाकू विमानों की पोजिशन को निशाना बनाया गया। दूसरी और दावा किया जा रहा है कि जॉर्डन की एयर डिफेंस ने ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर दिया।
इस कारण महत्वपूर्ण है लारक द्वीप
आपको बता दें कि लारक द्वीप ईरान के प्रमुख बंदरगाह बंदर अब्बास के पास है और होर्मुज के ठीक बीच में स्थित है। ये समुद्री रास्ता विश्व के देशों के लिए बेहद अहम है, क्योंकि युद्ध से पहले विश्व के उपयेाग होने वाले करीब 20% तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस की आवाजाही इसी रास्ते से होती थी।
PC: navbharattimes.indiatimes
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