पहलगाम की हरी-भरी घाटी में खून का साया, पर्यटकों पर आतंकियों का कायराना हमला
जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम में मंगलवार को हुए एक आतंकवादी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में 28 से अधिक लोगों के मारे जाने की आशंका है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। हमले की भयावहता इस बात से स्पष्ट है कि आतंकियों ने 50 से ज्यादा राउंड फायरिंग की। सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं।
सूत्रों के मुताबिक, दो से तीन आतंकी पुलिस की वर्दी में बैसरन घाटी में पहुंचे और वहां मौजूद टूरिस्ट ग्रुप पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। यह जगह अपनी हरियाली और शांत वातावरण के लिए जानी जाती है, जिसे लोग 'मिनी स्विट्जरलैंड' के नाम से जानते हैं। आतंकियों ने नजदीक से गोलियां चलाईं जिससे मौके पर ही कई लोगों की मौत हो गई।
हमले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें कई घायल लोग जमीन पर पड़े हुए हैं और महिला पर्यटक अपने परिजनों को ढूंढती रोती दिख रही हैं। यह दृश्य न केवल भयावह है, बल्कि सुरक्षा तंत्र की गंभीर चुनौती भी उजागर करता है।
इस हमले के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर चर्चा की और आपात बैठक बुलाई। गृह मंत्री खुद श्रीनगर पहुंच चुके हैं और वहां सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे हैं। एनआईए की टीम बुधवार को पहलगाम पहुंच सकती है।
इस समय सऊदी अरब यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर कड़ा संदेश देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा,
“इस जघन्य कृत्य के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उनका नापाक एजेंडा कभी सफल नहीं होगा। न्याय होगा।”
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस हमले को हाल के वर्षों में आम नागरिकों पर हुए सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि मृतकों की सही संख्या जल्द सामने आएगी, लेकिन यह हमला पूरे राज्य के लिए एक गहरा सदमा है।