क्या आप नए टैक्स शासन (NTR) के तहत अपनी टैक्स बचत को अधिकतम करना चाहते हैं? यह समझना जरूरी है कि किस प्रकार की कटौतियां और लाभ आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं। नए टैक्स शासन में बदलावों के साथ, आप अपनी टैक्स योजना को और भी बेहतर बना सकते हैं।
नए टैक्स शासन की मुख्य बातें:
भारत सरकार ने नए टैक्स शासन में कुछ बदलाव किए हैं, ताकि यह और आकर्षक बने और करदाता इसका अधिक लाभ उठा सकें। बजट 2025 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की थी कि 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई आयकर नहीं लगेगा (विशेष आय जैसे पूंजीगत लाभ को छोड़कर)। इसके अलावा, नए टैक्स स्लैब इस प्रकार हैं:
हालांकि, वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए कुछ संशोधित स्लैब दरें भी लागू हैं:
कैसे करें टैक्स बचत को अधिकतम? जानिए 3 प्रमुख कटौतियां:
अब जब आपको नए टैक्स स्लैब का ज्ञान हो गया है, तो आइए जानें कि कैसे आप अपनी टैक्स बचत को बढ़ा सकते हैं, भले ही नए शासन के तहत छूटों का दायरा थोड़ा सीमित हो।
मानक कटौती के जरिए आप आसानी से अपनी आय से एक निश्चित राशि घटा सकते हैं। यह कटौती आपकी कुल आय को कम करती है और दोनों टैक्स शासन के तहत उपलब्ध है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस कटौती को बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया है, जो पहले 50,000 रुपये था। इसका मतलब है कि 2025 में वेतनभोगी करदाता 75,000 रुपये की मानक कटौती का लाभ उठा सकते हैं।
यह एक शानदार सरकारी योजना है, जो सेवानिवृत्त होने के बाद आपको वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। NPS में योगदान करने पर आप धारा 80CCD(1B) के तहत टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं। इसके तहत आप अपनी बेसिक सैलरी का 14 प्रतिशत तक टैक्स बचत कर सकते हैं। इसके अलावा, नियोक्ता का योगदान भी कटौती के योग्य है।
EPF एक और बेहतरीन बचत योजना है जो सेवानिवृत्ति के लिए फंड जमा करती है। नियोक्ता का 12 प्रतिशत योगदान EPF में टैक्स कटौती के योग्य है। अगर आप एक वेतनभोगी कर्मचारी हैं, तो यह योजना आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकती है।
और भी टैक्स बचत के उपाय:
नए शासन के तहत, वेतनभोगी वर्ग के लिए कुछ और छूट और कटौतियां उपलब्ध हैं:
अपने आयकर रिटर्न का सही तरीके से हिसाब लगाने और टैक्स बचत के अवसरों का पूरा फायदा उठाने के लिए टैक्स विशेषज्ञ से सलाह लेना हमेशा फायदेमंद होता है। सही योजना के साथ, आप नए टैक्स शासन में भी अपनी बचत को अधिकतम कर सकते हैं।