Sukanya Samriddhi Yojana: सुकन्या समृद्धि योजना के नियमों में अब हो गया ये बदलाव, 1 अक्टूबर से पहले कर लें ये काम वरना होगा नुकसान

भारत में कई सरकारी बचत योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें निवेश करके लोग भविष्य के लिए सुरक्षित पूंजी इकट्ठा कर सकते हैं। यदि किसी को अपनी बेटी के भविष्य के लिए बचत करनी है, तो सुकन्या समृद्धि योजना एक बेहतरीन विकल्प है।

Sukanya Samriddhi Yojana: सुकन्या समृद्धि योजना के नियमों में अब हो गया ये बदलाव, 1 अक्टूबर से पहले कर लें ये काम वरना होगा नुकसान

PC: abplive

भारत में कई सरकारी बचत योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें निवेश करके लोग भविष्य के लिए सुरक्षित पूंजी इकट्ठा कर सकते हैं। यदि किसी को अपनी बेटी के भविष्य के लिए बचत करनी है, तो सुकन्या समृद्धि योजना एक बेहतरीन विकल्प है। यदि आपने इस योजना में पहले से निवेश किया है, तो 1 अक्टूबर से लागू होने वाले नए नियमों के बारे में जानकारी रखना बहुत ज़रूरी है।

क्या हैं नए नियम?

1 अक्टूबर से सुकन्या समृद्धि योजना में कुछ नए नियम लागू हो रहे हैं, जो खास तौर पर उन खातों के लिए महत्वपूर्ण हैं जिन्हें माता-पिता या कानूनी अभिभावकों ने नहीं खोला है। यदि किसी बेटी का खाता उसके दादा-दादी ने खोला है, तो इसे अब माता-पिता या कानूनी अभिभावकों के नाम पर ट्रांसफर करना आवश्यक होगा।

खाता ट्रांसफर कैसे होगा?

नए नियमों के अनुसार, केवल माता-पिता या कानूनी अभिभावक ही बेटी के नाम पर खाता खोल सकते हैं और इसे बंद कर सकते हैं। यदि कोई खाता दादा-दादी द्वारा खोला गया है, तो उसे अब माता-पिता या कानूनी अभिभावक के नाम पर ट्रांसफर करना होगा।

आवश्यक दस्तावेज़:

खाता ट्रांसफर करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी:

  • ओरिजिनल अकाउंट पासबुक
  • बेटी का जन्म प्रमाण पत्र
  • कानूनी अभिभावक होने का प्रमाण पत्र
  • माता-पिता का पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि)
  • एप्लीकेशन फॉर्म (गार्जियनशिप ट्रांसफर के लिए)
  • दादा-दादी और माता-पिता दोनों का पहचान पत्र

ट्रांसफर प्रक्रिया:

  1. ब्रांच में जाएं: खाता ट्रांसफर के लिए आपको उस बैंक या पोस्ट ऑफिस की ब्रांच में जाना होगा जहां खाता खोला गया था।
  2. गार्जियनशिप ट्रांसफर फॉर्म भरें: वहां से गार्जियनशिप ट्रांसफर का फॉर्म लें, जिसमें दादा-दादी और माता-पिता की जानकारी भरनी होगी। दोनों से फॉर्म पर हस्ताक्षर कराना अनिवार्य होगा।
  3. दस्तावेज़ जमा करें: सभी जरूरी दस्तावेज़ों के साथ इस फॉर्म को बैंक या पोस्ट ऑफिस में जमा कर दें।
  4. रिक्वेस्ट की समीक्षा: बैंक या पोस्ट ऑफिस का स्टाफ आपकी ट्रांसफर रिक्वेस्ट की समीक्षा करेगा और वेरीफिकेशन प्रक्रिया पूरी करेगा। इसके बाद खाता माता-पिता के नाम पर ट्रांसफर हो जाएगा और सभी जानकारी अपडेट कर दी जाएगी।

ध्यान दें:

इन नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह जरूरी है कि खाता कानूनी अभिभावक यानी माता-पिता के नाम पर हो। इसलिए समय रहते आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर लें।

अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें