इंटरनेट डेस्क। गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हाल ही में पहलगाम आतंकवादी हमले को लेकर पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच हमलों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे हमलों के लिए तैयार रहें। बुधवार, 7 मई को भारत के 250 से अधिक जिलों में नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल होने की उम्मीद है। पाकिस्तान से सम्बंध रखने वाले संदिग्ध आतंकवादियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के सुरम्य शहर पहलगाम के निकट बैसरन घास के मैदान में गोलीबारी की, जिसमें 26 लोग मारे गए, जिनमें से अधिकांश पर्यटक थे। तब से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। हालांकि राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल एक सिमुलेशन है, लेकिन ऑपरेशन का बड़ा पैमाना लोगों के बीच सवाल खड़े कर सकता है। यहाँ एक त्वरित FAQ दिया गया है जो स्पष्ट करता है कि क्या उम्मीद की जानी चाहिए।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य हवाई हमलों, ब्लैकआउट और निकासी जैसी आपातकालीन स्थितियों के लिए भारत की तत्परता को टेस्ट करना है। एक आधिकारिक संचार के अनुसार नागरिक सुरक्षा को राष्ट्र की निष्क्रिय रक्षा रणनीति का एक अभिन्न अंग माना जाता है। कमजोर क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षा उपायों का कार्यान्वयन नागरिक सुरक्षा अधिनियम, 1968 द्वारा शासित होता है। गृह मंत्रालय (एमएचए) के नोटिस में कहा गया है कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिदृश्य में, नए और जटिल खतरे/चुनौतियाँ सामने आई हैं, इसलिए, यह विवेकपूर्ण होगा कि राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में हर समय इष्टतम नागरिक सुरक्षा तैयारियाँ बनाए रखी जाएँ।
आपके मन में भी ये सवाल आएंगे कि क्या सभी स्कूल, कॉलेज, बैंक, सरकारी कार्यालय और अन्य संस्थान चालू रहने की उम्मीद है। अभ्यास को बिना किसी बड़ी बाधा के दैनिक दिनचर्या के साथ एकीकृत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। जिससे सामन्य नागरिकों को किसी तरह की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।
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