उत्तराखंड में संस्कृत को मदरसों में अनिवार्य विषय के रूप में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को विविध भाषाओं का ज्ञान प्रदान करना और उनकी शैक्षणिक संभावनाओं को बढ़ाना है। उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून काजमी ने इस फैसले की घोषणा की।
संस्कृत को अनिवार्य बनाने का उद्देश्य
पुरानी मांग का समाधान
मदरसों का आधुनिकीकरण और नई शिक्षा प्रणाली
मदरसों में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम
उत्तराखंड सरकार का यह निर्णय मदरसों को आधुनिक और समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह प्रयास छात्रों को न केवल मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ेगा बल्कि उन्हें सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से मजबूत बनाएगा।