सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपनी पेंशन बढ़ाने की मांग की है। यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच चुका है, जिससे कर्मचारियों को उम्मीद जगी है। SAIL भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के पेंशनर्स लंबे समय से EPS-95 हायर पेंशन की मांग कर रहे हैं। वर्तमान में उनकी पेंशन ₹2500 से ₹4500 प्रति माह के बीच मिलती है, जो ₹6500/₹15000 की अधिकतम वेतन सीमा पर आधारित है।
सुप्रीम कोर्ट ने 2022 में अपने फैसले में कहा था कि कर्मचारियों को पेंशन उनकी वास्तविक मजदूरी पर मिलनी चाहिए, न कि अधिकतम वेतन सीमा के तहत। हालांकि, SAIL-BSP ट्रस्ट जैसे कुछ संगठनों के लिए विशेष नियम लागू होते हैं।
पेंशनर्स ने उच्च पेंशन के लिए ब्याज सहित एक निश्चित राशि जमा करने की शर्त को स्वीकार किया है। इसके बावजूद, EPFO द्वारा जमा राशि वापस करने के मामले ने उन्हें निराश किया है।
EPS-95 के तहत उच्च पेंशन के लिए SAIL-BSP के रिटायर्ड कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा है। उन्होंने EPFO के अधिक सैलरी पर पेंशन न देने के फैसले पर नाराजगी जताई है।
रायपुर की RPFC (Railway Police Force Commissioner) ने कर्मचारियों की जमा राशि को वापस कर दिया है। BSP के CPF ट्रस्ट ने अधिकतम सैलरी सीमा के कारण कर्मचारियों को उच्च पेंशन देने से इंकार कर दिया है। इस मामले को EPFO के मुख्यालय, नई दिल्ली में समाधान के लिए भेजा गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रस्टों को अपने नियमों के तहत पेंशन सीमित करने से मना किया है। यह फैसला पेंशनर्स के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है।
SAIL-BSP CPF ट्रस्ट के नियम EPFO के व्यापक दिशा-निर्देशों के तहत आते हैं। इसके अनुसार, कर्मचारियों की अधिकतम वेतन सीमा ₹6500/₹15000 तय की गई है। ट्रस्ट इन नियमों का सख्ती से पालन करता है।