रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने JM Financial Products और Experian Credit Information Company of India पर नियामक अनुपालन में कमी के लिए जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना उन कंपनियों के खिलाफ लागू किया गया है, जिन्होंने क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों (रेगुलेशन) एक्ट, 2005 और क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों के नियम, 2006 के कुछ प्रावधानों का पालन नहीं किया।
RBI ने JM Financial Products Limited पर ₹3.1 लाख का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना "नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी - सिस्टमेटिकली इम्पॉर्टेंट नॉन-डिपॉजिट टेकिंग कंपनी और डिपॉजिट टेकिंग कंपनी" से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने के कारण लगाया गया है।
इसके अलावा, Experian Credit Information Company of India Private Limited पर ₹2 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। यह जुर्माना क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों (रेगुलेशन) एक्ट, 2005 और क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों के नियम, 2006 के कुछ प्रावधानों के उल्लंघन के कारण है।
RBI ने स्पष्ट किया कि यह जुर्माना नियामक अनुपालन में कमी के कारण लगाया गया है और इसका उद्देश्य कंपनियों द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेन-देन या समझौते की वैधता पर कोई टिप्पणी करना नहीं है।
RBI जल्द ही ₹100 और ₹200 के नए बैंक नोट जारी करेगा, जिनपर गवर्नर संजय मल्होत्रा के हस्ताक्षर होंगे। आरबीआई ने कहा कि इन नोटों का डिज़ाइन महात्मा गांधी (नया) सीरीज़ के ₹100 और ₹200 के नोटों जैसा ही होगा। इसके अलावा, आरबीआई द्वारा पहले जारी किए गए ₹100 और ₹200 के सभी बैंक नोट वैध मुद्रा के रूप में चलते रहेंगे।
संजय मल्होत्रा, आरबीआई के गवर्नर, ने हाल ही में कहा कि आरबीआई भुगतान प्रणाली में नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ नियामक सुरक्षा के दायरे में कम से कम हस्तक्षेप के साथ काम करेगा। इसके अलावा, UPI (Unified Payment Interface) का उपयोग सीमा पार भुगतान के लिए और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसके दायरे का विस्तार किया जाएगा।
इसके अलावा, सरकार और अन्य प्रमुख पक्ष जैसे बैंक्स और भुगतान प्रणाली ऑपरेटर भी डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए कई पहल कर रहे हैं।
निष्कर्ष:
RBI की यह कार्रवाई कंपनियों के लिए एक चेतावनी है कि वे अपने नियामक अनुपालन को मजबूत करें। साथ ही, नए बैंक नोटों का आना और UPI का विस्तार डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में और अधिक सकारात्मक बदलाव ला सकता है।