प्रधानमंत्री गरीब अन्नमूलन योजना (PMGAY) के तहत अब लाभार्थियों को गेहूं और चना के साथ-साथ 10 और आवश्यक वस्तुएं मुफ्त दी जाएंगी। सरकार ने इस योजना का विस्तार करते हुए सरसों का तेल, मसाले, आटा और सोयाबीन जैसी चीजों को भी शामिल किया है। यह बदलाव 80 करोड़ से अधिक लोगों की रसोई का खर्च कम करने और उनके पोषण स्तर को सुधारने के उद्देश्य से किया गया है।
पहले केवल गेहूं, चावल, चना, चीनी और दालें मुफ्त दी जाती थीं। अब इसमें सरसों का तेल, आटा, मसाले और अन्य पोषण युक्त खाद्य पदार्थ भी शामिल किए गए हैं।
इस योजना के प्रमुख उद्देश्य:
अब राशन पोर्टेबिलिटी की सुविधा से लाभार्थी किसी भी राज्य में राशन ले सकते हैं। यह कदम प्रवासी मजदूरों और अन्य कामकाजी वर्गों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है।
सरकार राशन की दुकानों को जन सुविधा केंद्रों के रूप में विकसित कर रही है। इन दुकानों पर राशन के साथ आधार सुधार, जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र जैसी सेवाएं भी दी जाएंगी।
योजना को फिलहाल उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। सफलता के बाद इसे देशभर में लागू करने की तैयारी है।
हालांकि योजना का लाभ बड़े पैमाने पर जरूरतमंद लोगों को मिल रहा है, लेकिन कुछ लोग, जो इसके पात्र नहीं हैं, इसका अनुचित लाभ उठा रहे हैं। सरकार ने इस समस्या को रोकने के लिए सख्त नियम लागू करने का फैसला किया है।
सरकार के इस कदम से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों में खुशी है। रसोई की 10 अतिरिक्त चीजें मुफ्त मिलने से लोगों का बजट संतुलित होगा और बाजार पर निर्भरता घटेगी।