इंटरनेट डेस्क। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और मौजूदा शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बीच एक बार फिर से एक्स पर जंग छिड़ गई है। पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने अब मदन दिलावर के ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने इस संबंध में ट्वीट किया कि माननीय मंत्री जी.. पहले काउंसलिंग और पदोन्नति में अंतर समझिए फिर सवाल कीजिए। व्याख्याता से उप-प्राचार्य के 10,096 पदों पर पदोन्नति कांग्रेस शासन में हुई थी। उप-प्राचार्य का यथास्थान पदस्थापन भी कांग्रेस शासन में हुआ, लेकिन न्यायालय स्थगन के कारण काउंसलिंग नहीं हो पाई।
न्यायालय से स्थगन में छूट के बाद इन्होंने सिर्फ काउंसलिंग की जिसे मंत्री जी डीपीसी बता रहे हैं। अन्य सभी बिंदुओं पर आप स्वयं ‘जल्द निस्तारण’ ‘विचाराधीन’ और ‘प्रार्थना’ में अटके हो तो आपकी मंदबुद्धि के मकडज़ाल पर जवाब मैं क्या दूं? इससे पहले भजनलाल सरकार में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने ट्वीट कर पूछा था कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा बताएं कि उन्होंने अपने कार्यकाल में एक भी पदोन्नति क्यों नहीं की?
PC: rajasthan.ndtv
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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा बताएं कि उन्होंने अपने कार्यकाल में एक भी पदोन्नति क्यों नहीं की?
— Madan Dilawar (@madandilawar) November 5, 2024
1-हमने 6300 व्याख्याता की वाइस प्रिंसिपल के पद पर पदोन्नति की ।
2- 11155 पदों के डीपीसी के प्रस्ताव आरपीएससी को भेजे हुए हैं।जो माननीय न्यायालय के विचाराधीन वाद के कारण स्थगित…