जयपुर। भजनलाल सरकार की मंत्रिमण्डल बैठक शुक्रवार को हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में दिवंगत कार्मिक के माता-पिता और दिव्यांग संतान के लिए पारिवारिक पेंशन के प्रावधानों के सरलीकरण एवं विभिन्न विभागों में कार्यरत कार्मिकों को पदोन्नतियों का लाभ देने के लिए सेवा नियमों में संशोधन सहित कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए। संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने इस संबंध में जानकारी दी है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम-1996 के नियम 62(IV) में दिवंगत कार्मिक के माता-पिता के मामले में कार्मिक की कुल परिलब्धियों की 30 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन दिए जाने का प्रावधान है। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस नियम को विलोपित करने का निर्णय लिया गया। अब माता-पिता को भी नियम 62(III) के अनुसार ही बढ़ी हुई पेंशन (अधिकतम 50 प्रतिशत तक) का लाभ प्राप्त हो सकेगा, जो कार्मिक के जीवित होने पर बनती है।
वहीं राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम-1996 के नियम 67 में संशोधन की स्वीकृति भी आज दी गई। इस संशोधन के अनुसार अब मानसिक या शारीरिक निशक्तता से ग्रसित पुत्र अथवा पुत्री को विवाह उपरांत भी पारिवारिक पेंशन प्राप्त हो सकेगी।

बैठक में इसका भी किया गया है अनुमोदन
संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि राजस्थान पर्यटन सेवा संवर्ग में स्वीकृत चतुर्थ पदोन्नति के पद वरिष्ठ अतिरिक्त निदेशक पर पदोन्नति के लिए प्रावधान निर्धारित किए जाने हेतु राजस्थान पर्यटन सेवा नियम, 1976 में प्रस्तावित संशोधनों का भी आज अनुमोदन किया गया। साथ ही, राजस्थान पुरातत्व एवं संग्रहालय सेवा नियम, 1960 में संयुक्त निदेशक (पे लेवल-18) के नवसृजित पद को शामिल किया जाएगा।
PC: dipr.rajasthan
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