Rajasthan: नई आबकारी नीति को लेकर हनुमान बेनीवाल ने भजनलाल पर साधा निशाना, कहा- आपकी सरकार ने आखिरकार यह निर्णय किसके दबाव में...

इंटरनेट डेस्क। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने अब नई आबकारी नीति को लेकर राजस्थान की भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है।  इस संबंध में उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से सीएम भजनलाल पर भी तंज कसा है।

Rajasthan: नई आबकारी नीति को लेकर हनुमान बेनीवाल ने भजनलाल पर साधा निशाना, कहा- आपकी सरकार ने आखिरकार यह निर्णय किसके दबाव में...

इंटरनेट डेस्क। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने अब नई आबकारी नीति को लेकर राजस्थान की भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है।  इस संबंध में उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से सीएम भजनलाल पर भी तंज कसा है।

आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस संबंध में एक्स के माध्यम से कहा कि हम शराबबंदी के पक्षधर है मगर शराब बंदी करना या नहीं करना राजस्थान की भाजपा सरकार के विवेक पर निर्भर करता है परंतु राजस्थान सरकार ने जो नई आबकारी नीति की घोषणा की है जिसके अनुसार अलग -अलग दुकानों के स्थान पर समूह में ठेके दिए जाएंगे उससे एकाधिकार की प्रवृति बढ़ेगी और  माफिया हावी होंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पूछना चाहता हूं कि प्रदेश में पहले से ही कानून व्यवस्था खराब है ऐसे में ऐसी आबकारी नीति लाकर माफिया राज को पनपाने के लिए आपकी सरकार ने आखिरकार यह निर्णय किसके दबाव में लिया? 

क्या सरकार में बैठे लोगों ने आबकारी की नई नीति बनाने से पहले उन शराब माफियाओं से सांठगांठ कर ली, जिन माफियाओं के आतंक से राजस्थान में कई गंभीर आपराधिक घटनाएं हुई? 

सरकार शराब माफियाओं का राज स्थापित करने के लिए यह नीति लेकर आई है
पहले जब इस प्रकार की शराब नीति प्रभावी थी तब शराब माफियाओं ने राजस्थान में अनैतिक रूप से समानांतर सरकार चलाई और गांवों, शहरों में रेड पार्टी के नाम पर दहशत का माहौल बनाकर रखते थे। चूंकि उत्तरप्रदेश में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने सामूहिक रूप से शराब के ठेके देने की पद्धति को बंद किया था और उसके बाद राजस्थान में भी ऐसी नीति प्रभावी हुई, लेकिन अब पुन: भारतीय जनता पार्टी की सरकार शराब माफियाओं का राज स्थापित करने के लिए यह नीति लेकर आई है जिसका हम पुरजोर विरोध करते है।

मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  व गृह मंत्री अमित शाह का ध्यान राजस्थान सरकार द्वारा लाई गई नई आबकारी नीति की तरफ आकर्षित करते हुए पूछना चाहता हूं कि आखिरकार भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राजस्थान की भाजपा सरकार ने शराब माफियाओं के हितों का संरक्षण करने वाली आबकारी नीति लाने का निर्णय किसके दबाव में लिया?  

आबकारी नीति में कही ये बात
राजस्थान सरकार ने अपनी नई आबकारी नीति में कहा है कि मदिरा दुकानों के आवंटन की वर्तमान पारदर्शी व्यवस्था को निरंतर रखते हुए सुधारात्मक प्रावधान नई नीति में प्रस्तावित किए है मगर सामूहिक आवंटन का प्रावधान शब्द इस नई आबकारी नीति में उल्लेखित होते ही यह स्पष्ट हो गया कि राजस्थान की सरकार बजरी माफियाओं के साथ अब प्रदेश में शराब माफियाओं को भी अपने समानांतर सरकार चलाने की अनुज्ञा देने जा रही है। 

PC: zeenews
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