प्रदोष व्रत का पालन हिंदू धर्म में भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत है। इस दिन भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा करने और गरीबों एवं जरूरतमंदों को दान करने से विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। इससे दांपत्य जीवन में खुशहाली और शांति बनी रहती है। खासकर, प्रदोष व्रत के दिन कुछ विशेष चीजों का दान करना दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
इस साल प्रदोष व्रत, मंगलवार, 15 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, अश्विन मास की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 15 अक्टूबर को सुबह 8:42 बजे प्रारंभ होगी और अगले दिन 16 अक्टूबर को 12:19 बजे समाप्त होगी। प्रदोष व्रत का आयोजन प्रदोष काल में, यानी शाम के समय किया जाता है।
काला तिल: काला तिल भगवान शिव को प्रिय है। प्रदोष व्रत के दिन इसका दान शनि दोष से मुक्ति और दांपत्य जीवन में आ रही बाधाओं को दूर करता है।
दूध: दूध पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। प्रदोष व्रत के दिन दूध का दान दांपत्य जीवन में मिठास लाता है।
फल: फलों का दान भगवान शिव को अर्पित करने के लिए भी किया जाता है। इसके दान से पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ता है।
कपड़े: गरीबों को कपड़े दान करना पुण्य का कार्य माना जाता है। प्रदोष व्रत के दिन कपड़े दान करने से दांपत्य जीवन में खुशी और समृद्धि आती है।
भोजन: भोजन का दान भगवान शिव को प्रसन्न करता है और दांपत्य जीवन में खुशहाली लाता है।
जल: जल का दान भी पुण्य का कार्य है। प्रदोष व्रत के दिन पानी देने से पितृ दोष दूर होता है और दांपत्य जीवन में शांति मिलती है।
गाय: गाय को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। प्रदोष व्रत के दिन गाय का दान करने से धन की वृद्धि और दांपत्य जीवन में खुशहाली आती है।
कहा जाता है कि जो व्यक्ति भौम प्रदोष व्रत को पूर्ण श्रद्धा के साथ रखता है और भगवान शिव की पूजा करता है, वह हमेशा खुश और समृद्ध रहता है। इसके साथ ही, भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से व्यक्ति को स्वास्थ्य, धन और संपत्ति प्राप्त होती है। जिन लोगों की शादी में देरी हो रही है, उन्हें भौम प्रदोष व्रत अवश्य रखना चाहिए। इससे लोगों की इच्छाएं शीघ्र पूरी होती हैं और भगवान शिव के आशीर्वाद से उन्हें मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है।
इस प्रदोष व्रत पर दान और पूजा से जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाने के लिए ये उपाय अपनाएं।
PC - ABVP