पेंशन विवाद पर विराम! केंद्र सरकार ने UPS कर्मचारियों को दी ग्रेच्युटी की सौगात

केंद्र सरकार का यह निर्णय साफ संकेत देता है कि UPS को OPS जितना ही मजबूत और लाभकारी बनाया जा रहा है।

पेंशन विवाद पर विराम! केंद्र सरकार ने UPS कर्मचारियों को दी ग्रेच्युटी की सौगात

केंद्र सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिससे यूनिफाइड पेंशन योजना (UPS) से जुड़े लाखों कर्मचारियों को राहत मिलने वाली है। अब UPS का विकल्प चुनने वाले केंद्रीय कर्मचारी भी सेवानिवृत्ति (Retirement) और मृत्यु (Death) के समय ग्रेच्युटी के हकदार होंगे — ठीक वैसे ही जैसे राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के अंतर्गत वर्तमान में मिलता है।

UPS कर्मचारियों को मिलेगा ग्रेच्युटी का लाभ

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में स्पष्ट किया गया कि अब UPS स्कीम में शामिल केंद्र सरकार के कर्मचारी सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी (Retirement Gratuity) और मृत्यु ग्रेच्युटी (Death Gratuity) दोनों पाने के पात्र होंगे। पहले यह लाभ केवल पुरानी पेंशन योजना (OPS) या कुछ चुनिंदा परिस्थितियों में NPS के ग्राहकों को मिलता था।

UPS क्या है?

यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में शुरू की गई एक वैकल्पिक पेंशन योजना है, जो NPS के समानांतर चल रही है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद सुनिश्चित पेंशन और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।

अब तक UPS के फायदे स्पष्ट नहीं थे, जिससे कर्मचारी संशय में थे कि क्या यह OPS का प्रभावी विकल्प बन सकता है या नहीं। लेकिन अब केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि UPS भी OPS जैसे लाभ देने में सक्षम है।

क्या मिलेगा UPS कर्मचारियों को?

सरकारी आदेश के अनुसार:

  • UPS कर्मचारियों को 2021 के केंद्रीय सिविल सेवा ग्रेच्युटी नियमों के अंतर्गत अधिकतम ₹25 लाख तक की ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा।

  • यदि किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होती है या वह गंभीर बीमारी/विकलांगता के कारण सेवा छोड़ने को मजबूर होता है, तो भी उसके परिवार को ग्रेच्युटी दी जाएगी।

  • सेवा के दौरान मृत्यु की स्थिति में, UPS कर्मचारियों को OPS के दायरे में लाने का विकल्प भी मिलेगा, जिससे उनके परिवार को नियमित पेंशन का लाभ मिल सकेगा।

UPS बनाम NPS में बड़ा बदलाव

NPS को लेकर कर्मचारियों की सबसे बड़ी चिंता यह थी कि इसमें OPS जैसी ग्रेच्युटी और पेंशन की गारंटी नहीं थी। UPS इस अंतर को भरने की दिशा में एक ठोस कदम है।

अब कर्मचारियों को यह भरोसा होगा कि UPS भी NPS से बेहतर विकल्प हो सकता है — खासतौर पर लंबे कार्यकाल और रिटायरमेंट से जुड़ी आर्थिक सुरक्षा को देखते हुए।

कर्मचारी संगठनों की प्रतिक्रिया

अखिल भारतीय NPS कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा,
"यह निर्णय लाखों कर्मचारियों की वर्षों से चली आ रही मांग को पूरा करता है और UPS को एक भरोसेमंद, कर्मचारी हितैषी पेंशन स्कीम बनाता है।"

1 अप्रैल 2025 से लागू हुआ नया विकल्प

जनवरी 2025 में केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के तहत, अब से केंद्र सरकार की सिविल सेवाओं में नियुक्त होने वाले नए कर्मचारी NPS या UPS में से किसी एक का चयन कर सकते हैं। यह कर्मचारियों को पेंशन योजना चुनने की स्वतंत्रता प्रदान करता है।

केंद्र सरकार का यह निर्णय साफ संकेत देता है कि UPS को OPS जितना ही मजबूत और लाभकारी बनाया जा रहा है। इससे न सिर्फ कर्मचारी लाभान्वित होंगे, बल्कि उनके परिवारों की आर्थिक स्थिरता भी सुनिश्चित की जा सकेगी। यह कदम कर्मचारी हितैषी शासन की ओर सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।