पहलगाम आतंकवाद का चेहरा: मजहब पूछकर गोलियां बरसाईं, महिला पर्यटक ने बताया खौफनाक मंजर

पीड़िता की रोती हुई आवाज़ ने न केवल घटना की भयावहता को उजागर किया, बल्कि सरकार और आम जनता के बीच गुस्से की लहर भी फैला दी है।

पहलगाम आतंकवाद का चेहरा: मजहब पूछकर गोलियां बरसाईं, महिला पर्यटक ने बताया खौफनाक मंजर

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुआ आतंकी हमला मानवता को शर्मसार करने वाला है। इस वीभत्स हमले में आतंकियों ने धार्मिक पहचान के आधार पर निर्दोष पर्यटकों को अपना निशाना बनाया। महिला चश्मदीद की गवाही ने देश को झकझोर कर रख दिया है।

"हाथ में चूड़ा देखा और गोली मार दी"

एक महिला पर्यटक, जो इस हमले की प्रत्यक्षदर्शी रही, ने पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) को कॉल कर घटना की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आतंकियों ने पहले उसके पति की कलाई पर चूड़ा देखा और फिर धर्म पूछकर गोली मार दी।
“मैं भेलपूड़ी खा रही थी, मेरा पति पास में था। तभी एक आदमी आया, उसने उसे देखा और पूछा – ‘क्या ये मुस्लिम है?’ और फिर गोली चला दी,” महिला ने कहा।

नाम और धर्म पूछकर की गई हत्याएं

महिला के अनुसार, हमलावरों ने सबसे पहले लोगों से उनके नाम और मजहब पूछे, फिर केवल इसी आधार पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। आतंकियों की नीयत साफ थी – धार्मिक पहचान के अनुसार चुन-चुनकर लोगों की हत्या करना।

3 से 5 मिनट में दहशत फैलाने वाला हमला

सूत्रों के मुताबिक, गोलीबारी करीब 3 से 5 मिनट तक चली। इस छोटे से समय में 26 लोगों की जान जा चुकी थी और कई अन्य घायल हुए। सभी घायलों को तुरंत अनंतनाग के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सेना और सुरक्षा बलों ने चलाया सर्च ऑपरेशन

हमले के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), सीआरपीएफ, और भारतीय सेना की विक्टर फोर्स ने इलाके में बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। आतंकियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास तेज़ कर दिए गए हैं।

भावनाओं से छलकती अपील

पीड़िता की रोती हुई आवाज़ ने न केवल घटना की भयावहता को उजागर किया, बल्कि सरकार और आम जनता के बीच गुस्से की लहर भी फैला दी है। सोशल मीडिया पर लोग इस हमले की निंदा करते हुए दोषियों को कड़ी सज़ा देने की मांग कर रहे हैं।