एक महिला पर्यटक, जो इस हमले की प्रत्यक्षदर्शी रही, ने पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) को कॉल कर घटना की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आतंकियों ने पहले उसके पति की कलाई पर चूड़ा देखा और फिर धर्म पूछकर गोली मार दी।
“मैं भेलपूड़ी खा रही थी, मेरा पति पास में था। तभी एक आदमी आया, उसने उसे देखा और पूछा – ‘क्या ये मुस्लिम है?’ और फिर गोली चला दी,” महिला ने कहा।
महिला के अनुसार, हमलावरों ने सबसे पहले लोगों से उनके नाम और मजहब पूछे, फिर केवल इसी आधार पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। आतंकियों की नीयत साफ थी – धार्मिक पहचान के अनुसार चुन-चुनकर लोगों की हत्या करना।
सूत्रों के मुताबिक, गोलीबारी करीब 3 से 5 मिनट तक चली। इस छोटे से समय में 26 लोगों की जान जा चुकी थी और कई अन्य घायल हुए। सभी घायलों को तुरंत अनंतनाग के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हमले के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), सीआरपीएफ, और भारतीय सेना की विक्टर फोर्स ने इलाके में बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। आतंकियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास तेज़ कर दिए गए हैं।
पीड़िता की रोती हुई आवाज़ ने न केवल घटना की भयावहता को उजागर किया, बल्कि सरकार और आम जनता के बीच गुस्से की लहर भी फैला दी है। सोशल मीडिया पर लोग इस हमले की निंदा करते हुए दोषियों को कड़ी सज़ा देने की मांग कर रहे हैं।