वरिष्ठ नागरिकों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब देश का सबसे बड़ा निजी बैंक HDFC भी Senior Citizen Savings Scheme (SCSS) के तहत जमा स्वीकार करेगा। अभी तक यह सुविधा केवल डाकघर और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में उपलब्ध थी, लेकिन अब HDFC बैंक भी इस योजना के तहत खाता खोलने का विकल्प देगा।
HDFC बैंक अब भारत सरकार का एजेंसी बैंक बन चुका है और SCSS के तहत ग्राहकों से जमा स्वीकार करने के लिए अधिकृत है। बैंक के अनुसार, उसके सभी पात्र ग्राहक देशभर में किसी भी शाखा में जाकर इस योजना के तहत खाता खोल सकते हैं।
ब्याज दर: SCSS के तहत 8.2% वार्षिक ब्याज मिलेगा, जो 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक लागू रहेगा। सरकार समय-समय पर ब्याज दरों की समीक्षा करती है।
लॉक-इन अवधि: इस योजना में 5 साल का लॉक-इन पीरियड है।
कर छूट: इस योजना में निवेश करने पर धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है।
ब्याज भुगतान: ग्राहकों को हर तीन महीने में ब्याज का भुगतान किया जाता है।
60 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी व्यक्ति।
55 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सेवानिवृत्त कर्मचारी (सुपरएनुएशन)।
50 वर्ष या उससे अधिक उम्र के रक्षा सेवा से सेवानिवृत्त कर्मचारी।
HDFC बैंक के कंट्री हेड पराग राव ने कहा कि बैंक को भारत सरकार की इस छोटी बचत योजना (SCSS) का हिस्सा बनने पर गर्व है। यह योजना वरिष्ठ नागरिकों को आकर्षक ब्याज दर के साथ स्थिर आय प्रदान करती है और इसके साथ टैक्स लाभ भी मिलता है।
HDFC बैंक पहले से ही PPF (सार्वजनिक भविष्य निधि) और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी सरकारी योजनाएं चला रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में HDFC बैंक ने पूरे देश में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक कर संग्रह किया, जिससे यह सरकार के शीर्ष तीन एजेंसी बैंकों में शामिल हो गया।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक:
बैंक ऑफ बड़ौदा
बैंक ऑफ इंडिया
पंजाब नेशनल बैंक (PNB)
भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
केनरा बैंक
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
निजी क्षेत्र के बैंक:
ICICI बैंक
IDBI बैंक
अब HDFC बैंक के जुड़ने से वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना में निवेश करने के लिए और अधिक विकल्प मिलेंगे, जिससे उन्हें अधिक सुविधा और लचीलापन मिलेगा।