अगस्त की शुरुआत एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने एक बार फिर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती की है। इस बार 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमत कई शहरों में करीब 200 रुपये तक कम की गई है। वहीं, छोटे आकार के एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी 13 रुपये की कमी की गई है। लगातार दूसरे महीने हुई इस कटौती से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैटरिंग और छोटे कारोबारियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। (
तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर के नए दाम जारी करती हैं। अगस्त में जारी संशोधित दरों के तहत 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 192 रुपये से लेकर 209 रुपये तक की कटौती की गई है। इससे पहले जुलाई में भी व्यावसायिक सिलेंडर सस्ता किया गया था। लगातार दो महीने तक कीमतों में कमी आने से कारोबारियों की परिचालन लागत में कुछ राहत मिलने की संभावना है।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का उपयोग मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानें, कैफे, फूड स्टॉल, कैटरिंग सर्विस और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किया जाता है। ऐसे में गैस की कीमत कम होने से इन व्यवसायों के मासिक खर्च में कमी आ सकती है। यदि कारोबारी इस बचत का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाते हैं, तो भविष्य में कुछ खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
19 किलोग्राम वाले सिलेंडर के अलावा छोटे आकार के एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी 13 रुपये की कटौती की गई है। यह सिलेंडर छोटे दुकानदारों, स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और सीमित गैस खपत वाले व्यवसायों में अधिक उपयोग किया जाता है। कीमत घटने से इस वर्ग को भी राहत मिलेगी।
जहां कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर सस्ता हुआ है, वहीं घरेलू 14.2 किलोग्राम वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल पुराने दामों पर ही गैस सिलेंडर मिलेगा। तेल कंपनियों ने केवल व्यावसायिक श्रेणी के सिलेंडरों की कीमतों में संशोधन किया है।
अगस्त से लागू नई दरों के अनुसार विभिन्न शहरों में 19 किलोग्राम कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें इस प्रकार हैं:
दिल्ली: लगभग ₹2,728–2,738
मुंबई: लगभग ₹2,691
कोलकाता: लगभग ₹2,872.50
चेन्नई: लगभग ₹2,906
बेंगलुरु: लगभग ₹2,821
पटना: लगभग ₹3,018
लखनऊ: लगभग ₹2,860
शहर के अनुसार टैक्स और स्थानीय शुल्क के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है। (The Economic Times)
एलपीजी सिलेंडर की कीमतें कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों के आधार पर तय की जाती हैं। इनमें कच्चे तेल की वैश्विक कीमत, एलपीजी का आयात मूल्य, डॉलर-रुपया विनिमय दर, परिवहन लागत और सरकारी नीतियां प्रमुख भूमिका निभाती हैं। इन्हीं पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तेल विपणन कंपनियां प्रत्येक महीने की पहली तारीख को नई कीमतें जारी करती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतें स्थिर रहती हैं और आयात लागत नियंत्रित रहती है, तो आने वाले महीनों में भी कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में राहत जारी रह सकती है। हालांकि, वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां और कच्चे तेल के दाम भविष्य की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल अगस्त की शुरुआत कारोबारियों के लिए राहत भरी साबित हुई है और लगातार दूसरे महीने हुई कटौती ने व्यावसायिक गैस उपभोक्ताओं को कुछ आर्थिक राहत जरूर दी है।