इंटरनेट डेस्क। महाराष्ट्र पुलिस ने 2021 में संकट की दूसरी लहर के दौरान एक अन्य चिकित्सक को कोविड-19 मरीज को मारने का निर्देश देने के आरोप में एक वरिष्ठ सरकारी डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, आरोपी डॉ शशिकांत देशपांडे, जो महामारी की दूसरी लहर के दौरान उदगीर सरकारी अस्पताल में अतिरिक्त जिला सर्जन थे, एक ऑडियो क्लिप में पकड़े गए थे, जो इस महीने की शुरुआत में ऑनलाइन सामने आया था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस क्लिप में कथित तौर पर डॉ. देशपांडे और डॉ. शशिकांत डांगे के बीच बातचीत रिकॉर्ड की गई है। ऑडियो में डॉक्टर को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि किसी को भी अंदर न जाने दें, बस उस महिला को मार दें। कौसर फातिमा नामक मरीज को 15 अप्रैल, 2021 को कोविड-19 के लक्षणों के साथ भर्ती कराया गया था और बाद में 10 दिनों के बाद वह ठीक हो गई और कौसर बच गई। उसके पति दयामी अजीमोद्दीन गौसुद्दीन ने अब एक औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें कहा गया है कि जब कथित बातचीत हुई तो वह मौजूद था।
दर्ज की गई FIR के अनुसार गौसुद्दीन ने कहा कि उन्होंने डॉ. डांगे के बगल में बैठकर कॉल सुनी, जिन्होंने दोपहर का खाना खाते समय फोन स्पीकर पर रखा था। देशपांडे ने कथित तौर पर न केवल चौंकाने वाली मारने वाली टिप्पणी की। बल्कि जाति-आधारित गालियों का भी इस्तेमाल किया, जिससे गौसुद्दीन ने कहा कि उन्हें गहरी भावनात्मक और धार्मिक ठेस पहुंची। डॉक्टर के खिलाफ जांच जारी है मामले की जांच शुरू करने वाली लातूर पुलिस ने डॉ. देशपांडे का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उन्हें नोटिस जारी किया है। इंस्पेक्टर दिलीप गाडे ने पीटीआई को बताया कि फिलहाल उनका बयान दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता की फोरेंसिक जांच की जा रही है।
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