यदि आप सैलरीड कर्मचारी हैं और रेंटेड घर में रहते हैं, तो House Rent Allowance (HRA) के ज़रिए हर साल बड़ी मात्रा में टैक्स बचा सकते हैं। लेकिन HRA क्लेम करते समय कुछ आम गलतियाँ आपकी छूट को खारिज भी करवा सकती हैं। इस लेख में जानिए HRA से जुड़ी जरूरी शर्तें, छूट की गणना का तरीका और किन गलतियों से बचना जरूरी है।
HRA यानी हाउस रेंट अलाउंस वो रकम होती है जो नियोक्ता (Employer) द्वारा आपको घर के किराए के भुगतान के लिए दी जाती है। इसे Income Tax Act की धारा 10(13A) के तहत टैक्स से छूट मिलती है।
➡️ केवल पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Regime) में HRA क्लेम किया जा सकता है।
➡️ नई टैक्स प्रणाली (New Regime) में HRA छूट की अनुमति नहीं है।
सैलरीड टैक्सपेयर होना चाहिए।
किराए के मकान में रहना अनिवार्य है।
मकान मालिक को किराया देना जरूरी है।
रेंट पेमेंट का प्रूफ होना चाहिए (जैसे: रसीद, रेंट एग्रीमेंट)।
यदि मकान मालिक पेरेंट्स हैं, तो उन्हें मिलने वाला किराया उनकी इनकम में दिखना चाहिए।
आपको तीन विकल्पों में से जो सबसे कम राशि होगी, वही HRA छूट के तौर पर मिलेगी:
कंपनी से मिला हुआ HRA
मेट्रो शहर में रहने पर: (Basic DA) का 50%
नॉन-मेट्रो में रहने पर: (Basic DA) का 40%
भुगतान किया गया किराया – (Basic DA) का 10%
उदाहरण: यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹30,000 है, DA ₹5,000 है, और HRA ₹15,000 मिल रहा है
और वो ₹20,000 किराया देता है, तो छूट इस फॉर्मूले से तय होगी।
फर्जी रेंट रसीद देना
रेंट की रकम बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना
रेंट का भुगतान दिखाना लेकिन कोई रसीद या एग्रीमेंट न होना
पेरेंट्स को रेंट देना लेकिन उन्हें उस इनकम को ITR में न दिखाना
मकान मालिक का PAN डिटेल न देना (₹1 लाख से ज्यादा रेंट हो तो जरूरी)
रेंट एग्रीमेंट
रेंट पेमेंट की रसीदें (महीनेवार)
मकान मालिक का PAN (अगर सालाना ₹1 लाख से ज्यादा किराया हो)
अगर माता-पिता को किराया देते हैं तो, उनके ITR में रेंट को दिखाना जरूरी है।
एंप्लॉयर के फाइनेंस डिपार्टमेंट को ये डिटेल्स आमतौर पर जनवरी के पहले या दूसरे हफ्ते तक देनी होती है।
HRA एक बड़ा टैक्स बचाने का जरिया हो सकता है, बशर्ते आप नियमों का पालन करें।
छोटे-छोटे दस्तावेजी प्रमाण जैसे रेंट रसीद, एग्रीमेंट और PAN की अनुपलब्धता से आपका क्लेम इनकम टैक्स डिपार्टमेंट खारिज कर सकता है।
जरूरत हो तो टैक्स एक्सपर्ट से सलाह लें, ताकि आप ज्यादा से ज्यादा वैध टैक्स छूट का लाभ उठा सकें।
याद रखें: Earning बचाने के लिए Planning जरूरी है, और Planning का पहला कदम है सही जानकारी!