भारत 27,000 करोड़ की लागत से खतरनाक जासूसी कैमरा तैयार करेगा, 36,000 किमी की ऊंचाई से करेगा जासूसी, क्लिक कर जाने कैसे कर्जा काम ?

भारत हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है, खासकर अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में। अब, भारत के निगरानी प्रणाली को बढ़ावा देने के प्रयास में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मंत्रिमंडल ने अंतरिक्ष आधारित निगरानी (SBS-3) मिशन के तीसरे चरण को मंजूरी दी है। यह निर्णय भारत की भूमि और समुद्र की निगरानी को मजबूत करेगा, जो सेना और आम लोगों के लिए लाभकारी होगा।

भारत 27,000 करोड़ की लागत से खतरनाक जासूसी कैमरा तैयार करेगा, 36,000 किमी की ऊंचाई से करेगा जासूसी, क्लिक कर जाने कैसे कर्जा काम ?

BY HARSHUL YADAV

भारत हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है, खासकर अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में। अब, भारत के निगरानी प्रणाली को बढ़ावा देने के प्रयास में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मंत्रिमंडल ने अंतरिक्ष आधारित निगरानी (SBS-3) मिशन के तीसरे चरण को मंजूरी दी है। यह निर्णय भारत की भूमि और समुद्र की निगरानी को मजबूत करेगा, जो सेना और आम लोगों के लिए लाभकारी होगा।

SBS मिशन के अंतर्गत 52 जासूसी उपग्रहों का प्रक्षेपण

SBS-3 मिशन के तहत, भारत अगले 5 वर्षों में 52 जासूसी उपग्रहों को लॉन्च करेगा। इनमें से 21 उपग्रह ISRO द्वारा और 31 उपग्रह निजी कंपनियों द्वारा बनाए जाएंगे। यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में निजी कंपनियों को उपग्रह निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये सभी उपग्रह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित होंगे, जो आपस में संवाद कर सकेंगे।

निगरानी क्षमता में वृद्धि

ये उपग्रह 36,000 किमी की ऊंचाई पर स्थित होंगे और भारत की सीमाओं पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता लगाकर जानकारी भेज सकेंगे। इस मिशन के तहत, तीनों सेनाओं (सेना, नौसेना और वायुसेना) के लिए अलग-अलग उपग्रहों का निर्माण किया जाएगा, जिससे उनकी निगरानी और संचार क्षमताओं में वृद्धि होगी।

सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिक कदम

SBS मिशन का उद्देश्य भारत की सीमाओं की निगरानी को मजबूत करना है, खासकर चीन और पाकिस्तान के साथ सीमाओं पर। यह उपग्रह नेटवर्क देश की सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाएगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता लगाने में मदद करेगा। इसके अलावा, यह मिशन दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने में भी सहायता करेगा।

अंतरिक्ष में युद्ध के बदलते तरीकों का सामना

यह निर्णय उस संदर्भ में लिया गया है जहां युद्ध के तरीकों में बदलाव हो रहा है और भविष्य की 'अंतरिक्ष युद्धों' की तैयारी की जा रही है। इस मिशन से भारत का रक्षा क्षेत्र नई ऊंचाइयों पर पहुंच जाएगा और यह पड़ोसी देशों की गतिविधियों पर करीबी नज़र रखने में मदद करेगा।

अंतरिक्ष आधारित निगरानी का इतिहास

भारत का SBS मिशन 2001 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू किया गया था। पहले चरण में 4 उपग्रह लॉन्च किए गए थे, और दूसरे चरण में 6 उपग्रहों को 2013 में लॉन्च किया गया था। अब तीसरे चरण के तहत 52 नए उपग्रहों को लॉन्च किया जाएगा, जो भारत की निगरानी प्रणाली को और मजबूत करेगा।

निष्कर्ष

SBS-3 मिशन भारत की सुरक्षा को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो देश की सीमाओं पर निगरानी को मजबूत करने और सामरिक तैयारियों को बढ़ाने में सहायक होगा। इस परियोजना की सफलता भारत के सुरक्षा तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।

 

 

 

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