अगर आप किसान हैं और खेती के लिए सस्ती दर पर कर्ज लेना चाहते हैं, तो किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। यह कार्ड खेती से जुड़ी सभी ज़रूरतों जैसे बीज, खाद, कीटनाशक खरीदने और नकदी निकालने की सुविधा देता है।यहां जानें किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़ी पूरी जानकारी — कैसे बनता है, कौन पात्र है, कौन से दस्तावेज लगते हैं और कैसे करें आवेदन।
किसान क्रेडिट कार्ड की शुरुआत 1998 में की गई थी। इसका उद्देश्य किसानों को खेती के लिए कम ब्याज दर पर आसान और तुरंत कर्ज देना है।
इससे किसान बीज, खाद, कीटनाशक, कृषि उपकरण आदि की खरीद के साथ-साथ आपातकालीन नकदी की जरूरत भी पूरी कर सकते हैं।
सरकारी बैंक
प्राइवेट बैंक
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB)
सहकारी बैंक
सभी प्रकार के बैंक किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा देते हैं।
आधार कार्ड
भूमि के कागजात (खतियान, खसरा, खतौनी आदि)
बैंक पासबुक की कॉपी
पासपोर्ट साइज फोटो
यदि खेती किराए की जमीन पर कर रहे हैं, तो रजामंदी का दस्तावेज
अधिकतम ₹3 लाख तक का कर्ज 7% ब्याज दर पर मिलता है
समय पर भुगतान करने पर 3% ब्याज की सरकार द्वारा सब्सिडी भी मिलती है
₹3 लाख से ज्यादा के कर्ज पर ब्याज दर बैंक और क्रेडिट स्कोर पर निर्भर करती है
ऋण सीमा किसान की भूमि और फसल की पैदावार के आधार पर तय होती है
KCC को बैंक द्वारा स्मार्ट कार्ड या डेबिट कार्ड के रूप में दिया जाता है
इस कार्ड से किसान ATM, मोबाइल बैंकिंग या दुकानों पर लेन-देन कर सकते हैं
कार्ड से नकद भी निकाली जा सकती है
आप KCC के लिए ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं:
अपने बैंक की वेबसाइट या मोबाइल ऐप खोलें
“किसान क्रेडिट कार्ड” सेक्शन पर जाएं
आवेदन फॉर्म भरें और दस्तावेज अपलोड करें
सबमिट करने के 3-4 दिनों में बैंक आपसे संपर्क करेगा
पात्र पाए जाने पर कुछ ही दिनों में कार्ड जारी हो जाएगा
खेती के लिए कम ब्याज पर कर्ज
समय पर भुगतान पर ब्याज में छूट
आपातकालीन नकद की सुविधा
डिजिटल और आसान ट्रांजेक्शन की सुविधा
फसल बीमा का भी लाभ मिलता है
किसान क्रेडिट कार्ड न केवल किसानों की आर्थिक ज़रूरतों को पूरा करता है, बल्कि उन्हें स्वावलंबी और डिजिटल बनने में भी मदद करता है। यदि आपने अभी तक KCC नहीं बनवाया है, तो आज ही अपने नजदीकी बैंक या ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करें।