हरनावदाशाहजी पुलिस की कार्रवाई, फरार आरोपियों पर था इनाम
राजस्थान के झालावाड़ जिले में ऑनर किलिंग के एक मामले में फरार चल रहे मृतका के काका और काकी को हरनावदाशाहजी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। प्रेम विवाह कर अपने पति के साथ रह रही युवती को अगवा कर हत्या करने के आरोप में पुलिस ने कार्रवाई की। आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
युवती के अपहरण और हत्या की दिल दहला देने वाली घटना
4 जुलाई को झालावाड़ जिले के जावर थाना क्षेत्र के शोरती गांव निवासी फरियादी रविंद्र पुत्र अमृतसिंह भील ने हरनावदाशाहजी पुलिस थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उसने बताया कि उसने एक साल पहले गांव की ही शिमलाबाई काछी से कोर्ट मैरिज की थी। घटना के दिन जब वह शिमलाबाई के साथ हरनावदाशाहजी स्थित सेंट्रल बैंक के सामने खड़ा था, तभी युवती का भाई मांगीलाल, काका-काकी और अन्य आरोपी वहां पहुंचे और जबरन शिमलाबाई को मारपीट कर अपने साथ ले गए।
बाद में युवती की हत्या कर दी गई, और पुलिस को जब सूचना मिली कि उसका शव अधजली अवस्था में मिला है, तो मौके पर पहुंचकर पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और यह मामला ऑनर किलिंग के रूप में चर्चा में आ गया।
पुलिस ने 18 आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने जांच के दौरान मृतका के माता-पिता समेत 18 परिजनों को आरोपी बनाते हुए कई गिरफ्तारियां कीं। इनमें कजोड़ीलाल, मेघराज, मांगीलाल, चंद्रकला, चमेली, ललिता बाई, ग्यारसीराम, राकेश कुमार, बीरमचंद और ललित कुमार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
5 फरवरी को पुलिस ने पार्वतीबाई को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, घटना के बाद से फरार चल रहे छोटूलाल और उसकी पत्नी धापूबाई को पकड़ने के लिए पुलिस ने 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि ये दोनों गांव के आसपास खेतों में छिपकर रह रहे थे। आखिरकार, पुलिस की विशेष टीम ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया।