जयपुर। गिरफ्तारी या तीस दिन हिरासत में लिए जाने पर पीएम और सीएम को पद से हटने से संबंधित संविधान संशोधन बिल को लोकसभा में पेश दिया गया है। इस बिल को लेकर अब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
पूर्व सीएम गहलोत ने इस संबंध में आज एक्स के माध्यम से कहा कि बीते 10 वर्षों में ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं जिनमें राज्यों में मुख्यमंत्री, मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर रहे विपक्षी नेताओं को जेल में डाला गया और कई महीनों तक उनकी जमानत तक नहीं हुई, लेकिन ट्रायल के बाद ये नेता निर्दोष साबित हुए। ऐसी गिरफ्तारियों की वजह केवल भाजपा सरकार का राजनीतिक प्रतिशोध था।
अब एनडीए सरकार ऐसा कानून बना रही है जिससे किसी भी ऐसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर रहे नेता को गिरफ्तार कर जेल में डालकर पद से बर्खास्त कर दिया जाएगा। यह न सिर्फ विपक्षी नेताओं की राजनीति समाप्त करने का प्रयास है बल्कि हर राज्य में सरकार अस्थिर कर जनमत को कुचलने एवं भाजपा की सरकार बनाने की चाल है।
सिर्फ विपक्षी ही नहीं, सत्ता पक्ष के भी ऐसे नेता जो शीर्ष नेतृत्व की इच्छा अनुरूप काम नहीं करेंगे उन्हें भी ईडी, सीबीआई द्वारा गिरफ्तार कर इस कानून के तहत गिरफ्तार कर बर्खास्त करेंगे जिससे उनकी पब्लिक इमेज भी खराब की जा सके। ऐसे घोर अलोकतांत्रिक एवं तानाशाही मानसिकता को बढ़ावा देने बिल का सभी दलों को विरोध करना चाहिए।
PC: rajasthan.ndtv
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