Garuda Purana: मृत्यु नजदीक आती है तो व्यक्ति चाहकर भी कुछ क्यों बोल नहीं पाता ! जानें यहाँ

ये बात हम जानते हैं कि अगर किसी का जन्म हुआ है तो उसकी मृत्यु भी जरूर होगी। ये एक ऐसा सच है जिसे कोई टाल नहीं सकता। गरुड़ पुराण में व्यक्ति की मृत्यु के बाद की दुनिया के बारे में उल्लेख किया गया है।

Garuda Purana: मृत्यु नजदीक आती है तो व्यक्ति चाहकर भी कुछ क्यों बोल नहीं पाता ! जानें यहाँ

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ये बात हम जानते हैं कि अगर किसी का जन्म हुआ है तो उसकी मृत्यु भी जरूर होगी। ये एक ऐसा सच है जिसे कोई टाल नहीं सकता। गरुड़ पुराण में व्यक्ति की मृत्यु के बाद की दुनिया के बारे में उल्लेख किया गया है। इसमें ये भी बताया गया है कि मरने के बाद आत्मा को कैसी जिंदगी भोगनी पड़ती है। 

वहीं जब कोई मरने वाला होता है तो उसे इस बात का आभास कहीं ना कहीं हो जाता है। उस समय वो अपनों से बहुत कुछ कहना चाहता है लेकिन चाहकर भी बोल नहीं पाता। उसकी जुबां बंद हो जाती हैलेकिन ऐसा क्यों होता है, इसके बारे में गरुड़ पुराण में जानकारी दी गई है। हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं। 

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इसलिए बंद हो जाती है जुबां
गुरुड़ पुराण के अनुसार मौत का समय नजदीक आने पर यम के दो दूत मरने वाले के प्राणों के सामने आकर खड़े हो जाते हैं, जिन्हे देख कर व्यक्ति बुरी तरह घबरा जाता है। उसको इस बात का पता होता है कि अब वह नहीं बचेगा।  ऐसे में वो अपनों से बहुत कुछ कहना चाहता है, लेकिन कह नहीं पाता क्योकि यमदूत यमपाश फेंककर शरीर से प्राण खींचने लगते हैं। इसलिए उसके मुँह से आवाज नहीं निकलती। 

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आंखों के सामने से गुजरते हैं कर्म
गरुड़ पुराण के अनुसार जब यम के दूत उसके प्राण खींचते हैं तो, उस समय व्यक्ति की आंखों के सामने से जीवन की सारी घटनाएं एक-एक करके तेजी गुजरती हैं, मानों कोई फिल्म चल रही हो। फिर उसके कर्मों के आधार पर उसे सजा मिलती है इसीलिए कहा जाता है कि व्यक्ति को जीवन में अच्छे कर्म ही करने चाहिए। 

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