उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट मीटर रीडिंग ऐप की शुरुआत से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल रही है। इस ऐप ने न केवल गलत बिलिंग की समस्या को कम किया है बल्कि उपभोक्ताओं को पारदर्शिता और सही समय पर बिल उपलब्ध कराने की सुविधा भी दी है।
पहले कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि मीटर रीडर मनमाने तरीके से रीडिंग दर्ज कर रहे थे, जिससे गलत बिलिंग होती थी। अब इस नई योजना के तहत, हर मीटर रीडर के साथ एक सुपरवाइजर नियुक्त किया गया है। सुपरवाइजर की निगरानी में अब रीडिंग का कार्य पारदर्शिता और सटीकता से किया जाएगा।
इस नई पहल के माध्यम से उपभोक्ताओं को भारी-भरकम और गलत बिजली बिलों से छुटकारा मिला है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह एक प्रभावी कदम है। आने वाले समय में इस ऐप के जरिए उपभोक्ताओं और बिजली विभाग के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिलेगा।