डॉक्टरों को असत्य बोलकर एक अच्छी योजना एवं मेडिकल जैसे पवित्र पेशे को बदनाम करने से बचना चाहिए: Ashok Gehlot

इंटरनेट डेस्क। बजट पूर्व चर्चा में डॉक्टर द्वारा चिरंजीवी योजना को लेकर दिए गए बयान को लेकर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

डॉक्टरों को असत्य बोलकर एक अच्छी योजना एवं मेडिकल जैसे पवित्र पेशे को बदनाम करने से बचना चाहिए: Ashok Gehlot

इंटरनेट डेस्क। बजट पूर्व चर्चा में डॉक्टर द्वारा चिरंजीवी योजना को लेकर दिए गए बयान को लेकर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि कल बजट पूर्व चर्चा में किसी डॉक्टर द्वारा मेरे ऑपरेशन पर तथ्यात्मक रूप से गलत बयान मीडिया के माध्यम से जानकारी में आया है। मेरा हार्निया का ऑपरेशन फरवरी, 2019 में हुआ था जबकि चिरंजीवी योजना मई 2021 से शुरू हुई थी।

मेरी आर्टरी में ब्लॉकेज, पैरों के अंगूठों में फ्रैक्चर एवं कोविड के बाद हैप्पी हाइपोक्सिया होने पर इलाज एमएसएस अस्पताल, जयपुर में ही हुआ जिसके कारण मैं वहां कुछ दिन भर्ती भी रहा एवं सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर ही इलाज करवाया। चिरंजीवी योजना से लाखों लोगों के जीवन में सुधार हुआ है। अगर ये योजना ना होती तो ना जाने कितने गरीबों एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के जमीन-जायदाद इलाज में बिक जाते। निजी अस्पतालों के कुछ डॉक्टरों को ऐसा असत्य बोलकर एक अच्छी योजना एवं मेडिकल जैसे पवित्र पेशे को बदनाम करने से बचना चाहिए। 

हमारी सरकार ने राइट टू हेल्थ का कानून बनाया जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में निशुल्क इलाज हो सके। वर्तमान सरकार को डॉक्टर एसोसिएशन के साथियों को विश्वास में लेकर राइट टू हेल्थ के नियम जल्द से जल्द बनाकर लागू करने चाहिए जिससे राजस्थान के हर निवासी को इलाज का अधिकार मिले।

PC:  rajasthan.ndtv
अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें