केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी की उम्मीद थी, लेकिन अब मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार केवल 2% की वृद्धि कर सकती है। इससे पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था कि मार्च में सरकार 3% से 4% तक का इजाफा कर सकती है। अगर यह फैसला होता है, तो यह 8वें वेतन आयोग से पहले सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।
महंगाई भत्ते में साल में दो बार, जनवरी और जुलाई में बढ़ोतरी होती है। इस बार जनवरी 2025 के लिए महंगाई भत्ते में 2% की वृद्धि संभावित है। इससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 53% से बढ़कर 55% हो जाएगा। हालांकि, इस फैसले की अंतिम घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में की जाएगी।
पिछले साल अक्टूबर 2024 में केंद्र सरकार ने 3% की वृद्धि की थी, जिससे DA 50% से बढ़कर 53% हुआ था। इसी तरह, पेंशनभोगियों को भी महंगाई राहत (DR) में समान वृद्धि दी गई थी।
यदि किसी कर्मचारी की मूल वेतन ₹18,000 है, तो 2% की बढ़ोतरी के बाद उसका DA ₹360 प्रति माह बढ़ेगा।
वर्तमान में ₹18,000 के मूल वेतन पर 53% DA मिलता है, जो ₹9,540 प्रति माह होता है। 2% बढ़ोतरी के बाद यह ₹9,900 प्रति माह हो जाएगा।
अगर DA में 3% की वृद्धि होती, तो यह ₹540 बढ़कर ₹10,080 प्रति माह हो जाता।
महंगाई भत्ता और महंगाई राहत (DR) की गणना अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के 12 महीनों के औसत पर आधारित होती है। केंद्र सरकार हर साल जनवरी और जुलाई में DA को संशोधित करती है, लेकिन इसकी घोषणा आमतौर पर मार्च और सितंबर में की जाती है।
DA प्रतिशत की गणना का सूत्र:
DA (%) = ((पिछले 12 महीनों के AICPI का औसत - 115.76) / 115.76) × 100
जनवरी 2025 में केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग की घोषणा की थी, जो सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन को संशोधित करेगा। 7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रही है, और 8वां वेतन आयोग 2026 में लागू किया जाएगा। हालांकि, सरकार ने अभी तक इसके लिए संदर्भ शर्तें (ToR) और आयोग के सदस्यों की घोषणा नहीं की है।
सरकारी कर्मचारियों को उम्मीद है कि 8वें वेतन आयोग में उनकी वेतन संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव होंगे। हालांकि, महंगाई भत्ते में अपेक्षा से कम बढ़ोतरी उनके लिए निराशाजनक हो सकती है।