पिछले कुछ समय में AI आधारित फोटो जनरेशन टूल्स जैसे Ghibili और ChatGPT की मदद से लोगों ने शानदार विजुअल कंटेंट बनाया।
लेकिन अब इसी टेक्नोलॉजी का उपयोग फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य ID दस्तावेज तैयार करने में किया जा रहा है।
ChatGPT जैसे AI मॉडल से लोग:
फेक डेटा जेनरेट कर रहे हैं।
एडिटेड इमेज के जरिए आधार और पैन कार्ड जैसे दस्तावेजों की नकली प्रतियां बना रहे हैं।
कई मामलों में यह देखा गया कि फर्जी पहचान पत्र का उपयोग वित्तीय धोखाधड़ी, सिम कार्ड एक्टिवेशन और बैंकिंग गतिविधियों में भी किया गया।
सरकार ने AI के दुरुपयोग को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड में डाल दिया है।
अब इन एजेंसियों को ऐसे मामलों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही ChatGPT और अन्य AI टूल्स के उपयोग को लेकर कड़े दिशा-निर्देश लाने की तैयारी भी चल रही है।
अगर आपके पास आधार कार्ड या कोई भी डिजिटल पहचान पत्र है, तो आपको भी सावधानी बरतने की ज़रूरत है:
✅ अपना आधार नंबर या पहचान से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया या अज्ञात वेबसाइटों पर शेयर न करें।
✅ किसी भी फॉर्म या ऐप को एक्सेस देने से पहले उसकी प्रामाणिकता जांचें।
✅ अगर आपको लगता है कि आपकी पहचान का गलत इस्तेमाल हुआ है, तो तुरंत UIDAI या साइबर सेल में शिकायत करें।
AI की दुनिया जितनी रोमांचक है, उतनी ही चुनौतियों से भरी भी है। ChatGPT जैसे टूल्स का उपयोग अगर सावधानी से न किया जाए तो ये व्यक्तिगत और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। अब वक्त है कि हर यूजर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करे, ताकि इसका फायदा सभी को सुरक्षित रूप से मिल सके।