केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने कोचिंग संस्थानों के भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाने के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। अब कोचिंग संस्थानों को पारदर्शिता बनाए रखने, झूठे दावे न करने और छात्रों की गोपनीयता का सम्मान करने के लिए बाध्य किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर ₹50 लाख तक का जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान है।
पारदर्शी विज्ञापन अनिवार्य:
झूठे दावों पर रोक:
छात्रों की सहमति अनिवार्य:
स्पष्ट डिस्क्लेमर:
सेफ्टी और इन्फ्रास्ट्रक्चर:
कंज्यूमर शिकायत समाधान प्रणाली:
दिल्ली की हाल की घटनाओं को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा के लिए आपातकालीन एग्जिट और अन्य उपायों को अनिवार्य किया गया है।