राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को राजधानी जयपुर स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय में आयोजित श्यामा प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस कार्यक्रम में भाग लिया और इस अवसर पर राज्य की जनता के हित में एक बड़ा ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के 5000 गांवों को बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) की श्रेणी से बाहर लाया जाएगा, यानी इन्हें BPL मुक्त किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेस पर भी तीखे राजनीतिक हमले किए और अपनी सरकार की योजनाओं को जनता के सामने रखा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य में गरीबी उन्मूलन को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही एक विशेष योजना के तहत 5000 गांवों को BPL मुक्त बनाने जा रही है। इन गांवों के निवासियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “हम सिर्फ योजनाओं की घोषणा नहीं करते, बल्कि उन्हें ज़मीन पर उतारकर असर दिखाते हैं। बीपीएल मुक्त गांवों का सपना सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगा।”
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता दावा करते हैं कि मैं कहीं रुकता नहीं, लेकिन हकीकत ये है कि "होटलों में रुकने और सोने का काम कांग्रेस ने ही किया है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जनता के दर्द को समझती है—युवाओं को रोजगार, किसानों को पानी और गरीबों को सम्मानजनक जीवन देना उनकी प्राथमिकता है।
सीएम भजनलाल ने अशोक गहलोत के X (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए एक पोस्ट का जिक्र करते हुए कहा, “गहलोत जी आंकड़ों को तोड़-मरोड़कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं उन्हें खुली चुनौती देता हूं कि पांच साल में कांग्रेस सरकार ने कितनी बिजली बनाई और हमारी सरकार ने सिर्फ डेढ़ साल में कितना उत्पादन किया—जनता खुद फैसला कर लेगी।”
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में भी बात की। उन्होंने कहा, “जब संगठन प्रवास पर भेजता है तो कुछ कार्यकर्ता कहते हैं कि थोड़ा नजदीक भेज दीजिए। लेकिन यह समय पूरी ताकत से मेहनत करने का है। जनता के बीच जाकर सरकार की योजनाओं की जानकारी दीजिए और उनकी समस्याएं सुनिए।”
राजस्थान की राजनीति में CM भजनलाल शर्मा का यह ऐलान एक बड़ी पहल मानी जा रही है। 5000 गांवों को BPL मुक्त बनाना न केवल सामाजिक दृष्टि से अहम है, बल्कि यह सरकार की विकासशील सोच का प्रतीक भी है। साथ ही, कांग्रेस पर खुली चुनौती और तीखे शब्दों में हमला इस बात का संकेत है कि राज्य की राजनीति अब और तेज़ होने वाली है।