कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ भाजपा मंत्री को टिप्पणी करनी पड़ी महंगी, हाईकोर्ट ने प्राथमिकी दर्ज करने का के दिए  आदेश

BJP minister had to pay a heavy price for commenting against Colonel Sofia Qureshi, High Court ordered to register FIR

कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ भाजपा मंत्री को टिप्पणी करनी पड़ी महंगी, हाईकोर्ट ने प्राथमिकी दर्ज करने का के दिए  आदेश

इंटरनेट डेस्क। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने बुधवार को कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई विवादास्पद टिप्पणी को लेकर भाजपा मंत्री विजय शाह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी कर्नल कुरैशी ने विदेश सचिव विक्रम मिस्री और विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ प्रेस वार्ता आयोजित की थी, जिसमें पहलगाम आतंकवादी हमले पर भारत की सैन्य प्रतिक्रिया, ऑपरेशन सिंदूर पर अद्यतन जानकारी दी गई थी।

भाषण में कर्नल कुरैशी की तुलना आतंकवादियों की बहन से की थी

अदालत ने शाह की टिप्पणियों को गंभीरता से लिया, जिसमें उन्होंने सार्वजनिक भाषण में कर्नल कुरैशी की तुलना आतंकवादियों की बहन से की थी, जिससे व्यापक आक्रोश फैल गया। अदालत ने पाया कि मंत्री की टिप्पणी प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196 के तहत प्रावधानों को आकर्षित करती है। सोमवार को इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान, भाजपा मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी का स्पष्ट संदर्भ देते हुए टिप्पणी की थी कि जिन लोगों ने हमारी बेटियों को विधवा किया, हमने उन्हें सबक सिखाने के लिए उनकी अपनी बहन को भेजा। वह पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में किए गए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि देश के सम्मान और हमारी बहनों के वैवाहिक सुख का बदला आपके समुदाय की बहनों को पाकिस्तान भेजकर लिया जा सकता है। 

कांग्रेस ने की थी बयान की निंदा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा और उसके वैचारिक स्रोत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की मानसिकता हमेशा से महिला विरोधी रही है। बुधवार को मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने इस विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी ने मंत्री की टिप्पणी पर संज्ञान लिया है और चेतावनी जारी की है। विवादास्पद बयान पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने पुलिस को मंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। खंडपीठ ने निर्देश दिया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अदालत को सूचित किया जाए। मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को सुबह 10.30 बजे होगी। राष्ट्रीय महिला आयोग ने मंत्री की टिप्पणी को अपमानजनक और अपमानजनक बताते हुए इसकी निंदा की और कहा कि इससे देश की सेवा करने वाली महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंची है। 

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