इंटरनेट डेस्क। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ शांति के लिए तैयार है। उन्होंने कुछ दिन पहले की अपनी उस टिप्पणी को वापस ले लिया जिसमें उन्होंने सिंधु जल संधि के निलंबन पर रक्तपात की धमकी दी थी। मंगलवार को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि यदि भारत शांति के मार्ग पर चलना चाहता है, तो उन्हें खुले हाथों से आना चाहिए, न कि मुट्ठियों को बंद करके। उन्हें तथ्यों के साथ आना चाहिए, न कि मनगढ़ंत बातों के साथ। आइए हम पड़ोसी की तरह बैठें और सच बोलें।
बिलावल भुट्टो-जरदारी ने ने कहा कि अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें याद रखना चाहिए कि पाकिस्तान के लोगों को घुटने टेकने के लिए नहीं बनाया गया है। पाकिस्तान के लोगों में लड़ने का संकल्प है, इसलिए नहीं कि हम संघर्ष पसंद करते हैं, बल्कि इसलिए कि हम स्वतंत्रता पसंद करते हैं। शांति पर यह टिप्पणी जरदारी द्वारा 25 अप्रैल को दिए गए उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तानी एकजुट होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिंधु नदी पर कथित आक्रमण का जवाब देंगे।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। इस हमले में 26 नागरिकों की जान चली गई, जिनमें ज़्यादातर पर्यटक थे और कई अन्य घायल हो गए। भारत ने 23 अप्रैल को पाकिस्तान के खिलाफ़ दंडात्मक उपायों की घोषणा की, जिसमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना, अटारी में एकमात्र भूमि सीमा पार संचालन को बंद करना और हमले के सीमा पार संबंधों के मद्देनजर राजनयिक संबंधों को कम करना शामिल है।
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