यदि आपने अपने बैंक खाते से लगातार दो साल (730 दिन) तक कोई लेन-देन नहीं किया है, तो आपका खाता डीएक्टिवेट हो सकता है। डीएक्टिव अकाउंट से कोई भी लेन-देन संभव नहीं है, लेकिन जमा राशि पर ब्याज मिलता रहेगा। इसे दोबारा सक्रिय करने के लिए आपको KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी, और इसके लिए बैंक कोई शुल्क नहीं लेता।
डीएक्टिवेशन के नियम और खाता सक्रिय करने की प्रक्रिया
डीएक्टिवेशन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं
RBI के नियमों के अनुसार, डीएक्टिवेट खाते को दोबारा सक्रिय करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। इसके अलावा, यदि खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं है, तो भी बैंक कोई पेनल्टी नहीं लगाता है।
बैंक खाता सक्रिय रखने के सुझाव