राजस्थान सरकार ने एक बार फिर राज्य के जिला प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए 11 जिलों के प्रभारी सचिवों को बदला है। प्रशासनिक सुधार विभाग ने 3 जुलाई 2025 को यह आदेश जारी किए हैं, जिसमें बताया गया है कि बाकी 38 जिलों में पहले से तैनात प्रभारी सचिव ही अपनी जिम्मेदारियों पर बने रहेंगे। यह तबादला आदेश 28 फरवरी 2024 के बाद का पहला बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
इस बदलाव के तहत जिन जिलों के प्रभारी सचिव बदले गए हैं, उनमें चूरू, अलवर, ब्यावर, सलूंबर, फलौदी, सवाईमाधोपुर, बारां, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, करौली और बालोतरा शामिल हैं।
| जिला | नए प्रभारी सचिव | वर्तमान पद |
|---|---|---|
| चूरू | रूक्मणि रियार | पर्यटन विभाग आयुक्त |
| अलवर | अजिताभ शर्मा | ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव |
| ब्यावर | नेहा गिरी | स्टेट एमडी, आजीविका परियोजना |
| सलूंबर | ओम प्रकाश कसेरा | एमडी, राजस्थान ऊर्जा विकास एवं आईटी सर्विसेज लिमिटेड |
| फलौदी | रोहित गुप्ता | उद्योग विभाग आयुक्त |
| सवाईमाधोपुर | डॉ. देवाशीष प्रष्टि | यूडीएच प्रमुख सचिव |
| बारां | टीकमचंद बोहरा | एमडी, राजफैड |
| राजसमंद | डॉ. रवि कुमार सुरपुर | प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अध्यक्ष |
| चित्तौड़गढ़ | आलोक गुप्ता | प्रमुख सचिव, उद्योग विभाग |
| करौली | अनुपमा जोरवाल | स्टेट मिशन निदेशक, समग्र शिक्षा अभियान |
| बालोतरा | हरजीलाल अटल | सीईओ, स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी |
सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि जिन वरिष्ठ अधिकारियों के पास पहले से महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं, उन्हें जिले के प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। उदाहरण के तौर पर:
गृह विभाग के एसीएस भास्कर ए सावंत को चूरू जिले के प्रभारी सचिव पद से मुक्त किया गया है।
वित्त विभाग के प्रमुख सचिव वैभव गालरिया को अलवर जिले की जिम्मेदारी से हटाया गया है।
सरकार का यह भी मानना है कि गृह और वित्त जैसे विभागों के उच्च अधिकारियों को अतिरिक्त जिला प्रभार देना उनके मौजूदा कार्यभार को और जटिल बना सकता है, इसलिए उन्हें ऐसी जिम्मेदारियों से मुक्त रखना बेहतर प्रशासनिक निर्णय है।
राजसमंद, चित्तौड़गढ़ और करौली जिलों में प्रभारी सचिव का पद रिक्त चल रहा था, क्योंकि:
राजसमंद के भगवती प्रसाद कलाल,
चित्तौड़गढ़ के भानु प्रकाश एटुरू,
करौली के आशुतोष एटी पेडणेकर
...केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चले गए थे। इन रिक्त पदों को भरने के लिए नए प्रभारी सचिवों की नियुक्ति की गई है।
राज्य सरकार समय-समय पर जिला प्रभारी सचिवों की जिम्मेदारियों में फेरबदल करती है ताकि प्रशासनिक कार्यों में नवीन ऊर्जा और दक्षता लाई जा सके। ऐसे बदलाव जिलों में विकास कार्यों की गति, निगरानी और रिपोर्टिंग में भी सुधार लाते हैं।
इन तबादलों से यह संकेत भी मिलता है कि सरकार अब मौजूदा जिम्मेदारियों और अधिकारियों की उपलब्धता को संतुलित कर एक व्यावहारिक प्रशासनिक मॉडल अपनाने की ओर अग्रसर है।
राजस्थान में जिला स्तर पर प्रशासनिक नियंत्रण को मजबूत और संतुलित बनाए रखने के लिए सरकार ने 11 जिलों में नए प्रभारी सचिवों की नियुक्ति की है। यह कदम उन जिलों में भी विशेष महत्व रखता है, जहां प्रभारी सचिव के पद काफी समय से रिक्त थे। ऐसे बदलावों से राज्य प्रशासन को गति देने और स्थानीय विकास को नई दिशा देने की उम्मीद की जा रही है।