आधार कार्ड भारत में एक अनिवार्य पहचान दस्तावेज बन चुका है, जिसका उपयोग बैंकिंग, सरकारी योजनाओं, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य सेवाओं के लिए किया जाता है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने 10 साल या उससे पुराने आधार कार्ड को अपडेट कराने की सिफारिश की है, ताकि नागरिकों की जानकारी सही और सुरक्षित बनी रहे।
UIDAI ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ मिलकर आधार अपडेट अभियान शुरू किया है। इसके तहत सभी जिलों में आधार सेवा केंद्र बनाए गए हैं।
नवजात शिशुओं के लिए आधार: अब अस्पतालों में ही वेरिफाइड जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर नवजात शिशुओं का आधार कार्ड बनाया जाएगा।
बायोमेट्रिक और डेमोग्राफिक अपडेट: नागरिकों को नाम, उम्र, मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक डिटेल्स समय-समय पर अपडेट करने की सलाह दी गई है।
1000 आधार केंद्र: पूरे देश में नागरिकों की सुविधा के लिए अधिक आधार सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं।
✅ हर 10 साल में आधार अपडेट कराना अनिवार्य
✅ बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट: 5 और 15 साल की उम्र में बायोमेट्रिक्स (फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और फोटो) अपडेट करना जरूरी है।
✅ समय पर अपडेट न करने पर आधार कार्ड हो सकता है रद्द।
1️⃣ UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
2️⃣ अपनी जानकारी अपडेट करें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
1️⃣ नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर जाकर जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन करें।
2️⃣ बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद आधार अपडेट हो जाएगा।
UIDAI की इस पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों की जानकारी अप-टू-डेट बनी रहे और उन्हें सरकारी सेवाओं का सुचारु लाभ मिलता रहे। अगर आपका आधार कार्ड 10 साल से ज्यादा पुराना है, तो जल्द से जल्द इसे अपडेट कर लें!