8वें वेतन आयोग को लेकर हाल में फैली अफवाहों के बीच सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। चर्चा थी कि 31 दिसंबर 2025 तक रिटायर होने वाले कर्मचारियों को आयोग की सिफारिशों का लाभ नहीं मिलेगा। इस पर वित्त मंत्रालय ने साफ कहा है कि ऐसी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि Finance Act 2025 लागू होने से पेंशन में कोई स्वतः बदलाव नहीं होगा। पेंशन संशोधन केवल तय नियमों और अलग से जारी आदेशों के आधार पर किया जाता है। किसी कानून के पारित हो जाने भर से पेंशन नहीं बदलती।
पेंशन से जुड़े मामलों पर Central Civil Services Pension Rules और Extraordinary Pension Rules लागू होते हैं। इन्हीं नियमों के अनुसार पेंशन निर्धारित की जाती है।
सरकार समय-समय पर इन्हीं प्रावधानों के तहत आदेश जारी करती है। किसी भी संशोधन के लिए विधिवत अधिसूचना जरूरी होती है।
Finance Act 2025 के Part IV में मौजूदा पेंशन नियमों को वैधता दी गई है। इससे सिविल या डिफेंस पेंशन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका उद्देश्य केवल वर्तमान नियमों को मान्यता देना था।
कुछ लोगों को लगा कि पुराने और नए पेंशनरों के बीच अंतर किया जा सकता है। लेकिन सरकार ने साफ किया है कि ऐसा कोई नया भेद नहीं बनाया गया है। नियम और जिम्मेदारियां पहले जैसे ही हैं।
जब तक 8वां वेतन आयोग अपनी सिफारिशें प्रस्तुत नहीं करता और सरकार उन्हें लागू करने का निर्णय नहीं लेती, तब तक मौजूदा पेंशन व्यवस्था यथावत रहेगी।
पेंशनरों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक अधिसूचनाओं पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें।