Vidyasagarji Maharaj: जैन मुनि आचार्य विद्यासागरजी महाराज पंचतत्व में विलीन, देशभर में शोक की लहर

Vidyasagarji Maharaj: जैन मुनि आचार्य विद्यासागरजी महाराज पंचतत्व में विलीन, देशभर में शोक की लहर

Vidyasagarji Maharaj: जैन मुनि आचार्य विद्यासागरजी महाराज पंचतत्व में विलीन, देशभर में शोक की लहर

इंटरनेट डेस्क। जैन मुनि आचार्य विद्यासागरजी महाराज के देवलोकगमन के बाद रविवार को डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी पर्वत पर उनकी पूरे विधि विधान के साथ अंतिमक्रिया पूरी की गई। इस दौरान बड़ी हजारों की ताददा में श्रद्धालु मौजूद रहें। महाराज को पंचतत्व में विलीन होते देख सबकी आंखेे भर आई। 

महाराज के चले जाने से जैन समाज में ही नहीं देश के हर समाज में शोक की लहर है। पीएम मोदी सहित कई दिग्गज नेताओं ने सोशल मीडिया पर जैन मुनि विद्यासागरजी महाराज को नमन किया है। पीएम मोदी उन्हें याद करते हुए भावुक हो गए। बीजेपी के दिल्ली राष्ट्रीय अधिवेशन में जैन मुनि आचार्य विद्यासागरजी महाराज के लिए बीजेपी नेताओं ने मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। मीडिया रिपोटर्स की माने तो रविवार को विद्यासागरजी महाराज ने सुबह ढाई बजे सल्लेखना के बाद अंतिम सांस ली। जैन धर्म में सल्लेखना एक धार्मिक प्रथा है। जिसमें आध्यात्मिक शुद्धि के लिए खुद की इच्छा से आमरण उपवास किया जाता है। जैन मुनि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के देवलोक गमन पर पूरे देश में शोक की लहर है।

बता दें की महाराज ने पूर्ण जागृतावस्था में आचार्य पद का त्याग करते हुए 3 दिन के उपवास गृहण करते हुए आहार एवं संघ का प्रत्याख्यान कर दिया था। प्रत्याख्यान व प्रायश्चित देना बंद कर दिया था और अखंड मौन धारण कर लिया था। गत 6 फरवरी को दोपहर शौच से लौटने के उपरांत साथ के मुनिराजों को अलग भेजकर निर्यापक श्रमण मुनिश्री योग सागर जी से चर्चा करते हुए संघ संबंधी कार्यों से निवृत्ति ले ली और उसी दिन आचार्य पद का त्याग कर दिया था। संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की हिंडौला यात्रा शुरू हुई तो श्रावक-श्राविकाएं फफक-फफक रो पड़े। ऐसा लग रहा था जैसे हम सभी अनाथ हो गए हो। 

 

 

 

 

 

pc- shreephaljainnews.com

खबर का अपडेट पाने के लिए हमारा वाटसएप चैनल फोलो करें।