ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार तड़के ईरान ने इज़राइल के दक्षिणी शहर बेर्शेवा में स्थित सोरोका मेडिकल सेंटर पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब अस्पताल मरीजों से भरा था और कई संवेदनशील लोग इलाज के लिए भर्ती थे।
इज़राइल सरकार के आधिकारिक 'X' अकाउंट से साझा वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे अस्पताल की गलियों में धुआं फैला है, कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं, और कांच के टुकड़े फर्श पर बिखरे पड़े हैं।
वीडियो में कई घायल मरीज और रोते-बिलखते परिजन नजर आ रहे हैं। इज़राइली मीडिया ने इसे "अस्पताल पर सीधा युद्ध हमला" करार दिया है।
The Iranian regime targeted Soroka Hospital in Beersheba with a ballistic missile—hitting a major medical center.
— Israel ישראל (@Israel) June 19, 2025
We will not stand by. We will continue doing what must be done to defend our people. pic.twitter.com/4ldeTQhATW
AFP की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में कम से कम 47 लोग घायल हुए हैं। अस्पताल को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं तेल अवीव में एक रिहायशी इमारत पर भी मिसाइल गिरी, जिससे वहां के एक अन्य अस्पताल में 16 लोग भर्ती कराए गए हैं, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा:
“आज सुबह, ईरान के आतंकवादी शासकों ने बेर्शेवा के सोरोका अस्पताल और सेंट्रल इज़राइल के आम नागरिकों पर मिसाइलें दागीं। यह सिर्फ हमला नहीं, बल्कि मानवता के खिलाफ अपराध है। ईरान को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।”
इज़राइल के विदेश मंत्रालय के हैंडल से बयान जारी कर कहा गया:
“हम चुप नहीं बैठेंगे। अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए जो जरूरी होगा, हम वह करेंगे।”
सोरोका मेडिकल सेंटर इज़राइल के दक्षिणी क्षेत्र का सबसे बड़ा अस्पताल है, जिसमें 1000 से अधिक बेड हैं और यह करीब 10 लाख लोगों को सेवा प्रदान करता है।
हमले के बाद अस्पताल प्रशासन ने आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू कर underground क्षेत्रों को ICU और ऑपरेशन वार्ड में बदल दिया है।
वेंटिलेटर पर मौजूद मरीजों को पहले ही भूमिगत स्थानों में स्थानांतरित कर दिया गया था।
यह हमला ऐसे समय में हुआ जब इज़राइल ने ईरान के अराक भारी जल परमाणु रिएक्टर पर ताजा हवाई हमला किया था। यह हफ्तों से जारी संघर्ष का हिस्सा है, जिसमें इज़राइल पहले ही ईरानी सैन्य ठिकानों, शीर्ष कमांडरों और परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बना चुका है।
ईरान ने अब तक सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन इज़राइली क्षेत्र में भेजे हैं।
इज़राइल का मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम कई मिसाइलों को रोकने में सफल रहा है, लेकिन सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर और अस्पतालों को नुकसान पहुंचा है।
सोरोका अस्पताल पर ईरान की मिसाइल से हुआ हमला, संघर्ष को नए और खतरनाक मोड़ पर ले जा रहा है। यह केवल सैन्य संघर्ष नहीं, बल्कि अब नागरिक सुविधाओं और मानवता पर सीधा आघात बन गया है। आने वाले दिनों में इस संघर्ष में तेज़ी और जवाबी कार्रवाई की संभावना और बढ़ गई है।