भाजपा सरकार शिक्षा के मंदिरों को भी अपनी तानाशाही और नफरत की राजनीति का अखाड़ा बनाना चाहती: Dotasra

जयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज और उन्हें हिरासत में लिए जाने को लेकर प्रदेश की भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है। उन्हें इसे सत्ता का खुला दुरुपयोग करार दिया है।

भाजपा सरकार शिक्षा के मंदिरों को भी अपनी तानाशाही और नफरत की राजनीति का अखाड़ा बनाना चाहती: Dotasra

जयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज और उन्हें हिरासत में लिए जाने को लेकर प्रदेश की भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है। उन्हें इसे सत्ता का खुला दुरुपयोग करार दिया है।

डोटासरा ने एक्स के माध्यम से कहा कि राजस्थान विश्वविद्यालय में आरएसएस के राजनीतिक एजेंडे के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज़ उठाने वाले एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज और उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लेना सत्ता का खुला दुरुपयोग है।

क्या देश में शांतिपूर्ण विरोध भी अपराध बन गया है? लोकतंत्र में असहमति दबाने की नहीं, सुनने की परंपरा होती है। लेकिन भाजपा सरकार शिक्षा के मंदिरों को भी अपनी तानाशाही और नफरत की राजनीति का अखाड़ा बनाना चाहती है। एनएसयूआई के युवाओं पर हुई ज्यादती निंदनीय और शर्मनाक है। युवाओं की आवाज दबाकर सरकार डराना चाहती है।

एनएसयूआई के नेताओं व कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी भाजपा सरकार की बौखलाहट: गहलोत
वहीं पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी इस संबंध में सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक्स के माध्यम से कहा कि राजस्थान विश्वविद्यालय में RSS की विचारधारा थोपने और शैक्षणिक संस्थानों की स्वायत्तता को कमजोर करने के खिलाफ NSUI का शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का प्रतीक है। ऐसे विरोध को दबाने के लिए NSUI के नेताओं व कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी भाजपा सरकार की बौखलाहट और तानाशाही मानसिकता को दर्शाती है। लोकतंत्र में असहमति और विरोध हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। इसे कुचलना संविधान की भावना के विपरीत है। राज्य सरकार इस मामले में त्वरित संज्ञान लेकर सभी गिरफ्तार NSUI कार्यकर्ताओं और नेताओं को अविलंब रिहा करे।

PC: abplive
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