इंटरनेट डेस्क। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत और पाकिस्तान से राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यमों से द्विपक्षीय रूप से अपने मतभेदों को सुलझाने का आग्रह किया है। 2 मई को एस जयशंकर के साथ फोन पर हुई बातचीत में लावरोव ने भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों और जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच संबंधों में आई हाल की कड़वाहट पर भी चर्चा की, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।
सर्गेई लावरोव ने पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद रूसी-भारतीय सहयोग और भारत-पाकिस्तान संबंधों में आई कड़वाहट के मुद्दों पर चर्चा की। सर्गेई लावरोव ने 1972 के शिमला समझौते और 1999 के लाहौर घोषणापत्र के प्रावधानों के अनुसार राजनीतिक और कूटनीतिक तरीकों से द्विपक्षीय आधार पर नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच मतभेदों को सुलझाने का आह्वान किया। रूसी संघ के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि दोनों मंत्रियों ने उच्चतम स्तर पर आगामी संपर्कों के कार्यक्रम पर भी चर्चा की। आतंकवादी हमले के बाद, भारत ने सीमा पार आतंकवाद के लिए पाकिस्तान के समर्थन के जवाब में कई उपायों की घोषणा की। इनमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना, अटारी में एकीकृत चेक पोस्ट को बंद करना और उच्चायोगों के कर्मचारियों की संख्या कम करना शामिल है।
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