Rajasthan Roadways Fine Rule: बिना टिकट सफर किया तो भरना होगा 10 गुना जुर्माना, जानिए नया नियम

राजस्थान रोडवेज ने लागू किया नया नियम, बिना टिकट यात्रा करने पर अब देना होगा 10 गुना ज्यादा जुर्माना। जानिए कहां से शुरू हुआ अभियान और कैसे करेगा फ्लाइंग स्क्वॉड काम।

Rajasthan Roadways Fine Rule: बिना टिकट सफर किया तो भरना होगा 10 गुना जुर्माना, जानिए नया नियम

Rajasthan Roadways Fine Update: अगर आप राजस्थान रोडवेज की बसों में सफर करते हैं तो अब बिना टिकट यात्रा करना महंगा पड़ सकता है। राजस्थान रोडवेज ने एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत बिना टिकट यात्रा करने पर यात्री को टिकट मूल्य का 10 गुना जुर्माना भरना होगा।

नए नियम की वजह क्या है?

राजस्व घाटा और यात्रियों में अनुशासन की कमी को देखते हुए रोडवेज प्रशासन ने यह कड़ा कदम उठाया है। यह फैसला रोडवेज चेयरपर्सन शुभ्रा सिंह और प्रबंध निदेशक पुरुषोत्तम शर्मा के निर्देशों पर लिया गया है।

कहां से शुरू हुआ अभियान?

इस अभियान की शुरुआत अजमेर डिपो से हुई है, जहां सबसे ज्यादा सख्ती बरती जा रही है।

  • तीन विशेष उड़न दस्ते (Flying Squads) बनाए गए हैं जो ग्रामीण और लंबी दूरी की बसों में औचक निरीक्षण कर रहे हैं।

  • इन टीमों का मुख्य काम टिकट विहीन यात्रियों और लापरवाह कंडक्टरों की जांच करना है।

अब तक की कार्रवाई

महीना बिना टिकट पकड़े गए यात्री वसूली गई राशि
अप्रैल 80 यात्री ₹62,180
मई 72 यात्री ₹42,860
जून 67 यात्री ₹51,680
कुल 219 यात्री ₹1.56 लाख

 

कैसे करता है फ्लाइंग स्क्वॉड काम?

  • ये टीमें बिना पूर्व सूचना के अलग-अलग बसों में चढ़ती हैं।

  • यात्रियों से टिकट मांगे जाते हैं और कंडक्टर की भूमिका की भी जांच होती है।

  • जो यात्री बिना टिकट पाए जाते हैं, उन्हें तुरंत 10 गुना जुर्माना देना होता है।

10 गुना जुर्माना का मतलब क्या है?

  • यदि कोई यात्री ₹50 की टिकट लिए बिना पकड़ा गया, तो उसे सीधा ₹500 का जुर्माना भरना होगा।

  • यह नियम सभी यात्रियों पर समान रूप से लागू होगा, चाहे वो ग्रामीण मार्ग पर हों या शहरों के बीच।

नियम लागू करने का उद्देश्य

  • राजस्व घाटा कम करना

  • यात्रा अनुशासन लागू करना

  • फ्री राइडिंग की प्रवृत्ति पर रोक लगाना

अगर आप रोडवेज से सफर करते हैं, तो अगली बार सीट पर बैठने से पहले टिकट ज़रूर लें। टिकट न लेने पर भारी जुर्माना लग सकता है। यह कदम ईमानदार यात्रियों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ कंडक्टरों की जवाबदेही भी सुनिश्चित करेगा।