जयपुर। प्रदेश में निम्नस्तरीय सड़क पर अधिकारी-अभियंता की जिम्मेदारी तय कर उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को सीएम निवास पर सार्वजनिक निर्माण विभाग की बैठक इस संबंध में निर्देश दिए हैं। उन्होंने सड़कों का निर्माण पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ करने के स्पष्ट निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की निरंतर जांच की जाए एवं निम्नस्तरीय सड़क पर अधिकारी-अभियंता की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। सरकारी धन का दुरुपयोग और अपव्यय किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सार्वजनिक निर्माण विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम भजनलाल ने कहा कि राज्य में सड़क तंत्र को मजबूत, सुरक्षित और व्यापक बनाने के लिए डबल इंजन की सरकार बड़ी परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता के मापदण्डों को ध्यान में रखते हुए आपसी समन्वय से तय समयसीमा में पूरा किया जाए। विकास एवं परियोजनाओं के कार्यों की प्रभावी माॅनिटरिंग भी सुनिश्चित हो। उन्होंने प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे की विस्तृत समीक्षा की।

जयपुर में रिंग रोड के उत्तरी हिस्से की योजना पर भी चर्चा की
मुख्यमंत्री भजनलाल ने जालौर-झालावाड़, श्रीगंगानगर-कोटपूतली, अजमेर-बांसवाड़ा के मध्य बेहतर कनेक्टिविटी के संबंध में चर्चा करते हुए दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने जयपुर शहर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए रिंग रोड के उत्तरी हिस्से की योजना पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधारभूत ढांचे के विकास से राज्य के विकास को गति मिलती है। हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवागमन को सरल और सुगम बनाया जाए और हर गांव, हर कस्बे को सड़क तंत्र से जोड़ा जाए।
PC: dipr.rajasthan
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