इंटरनेट डेस्क। अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप कुलदीप जघीना हत्याकांड के एक आरोपी विष्णु पर लगा है। जानकारी के अनुसार जगन गुर्जर और हत्या का आरोपी विष्णु एक ही बैरक में बंद थे। खबरों के अनुसार बैरक के अंदर हुए विवाद के बाद आरोपी ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया और गला दबाकर हत्या कर दी। वहीं राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कई मामले थे दर्ज
खबरों की माने तो जगन गुर्जर पर हत्या, डकैती, अपहरण और रंगदारी समेत कई संगीन मामले दर्ज थे। वह राजस्थान के सबसे कुख्यात डकैतों में गिना जाता था। जगन गुर्जर का नाम वर्षों तक चंबल के बीहड़ों और पूर्वी राजस्थान में दहशत का पर्याय रहा था। पुलिस लंबे समय तक उसकी तलाश करती रही थी। कई गंभीर मामलों में गिरफ्तार होने के बाद जगन गुर्जर अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था. उसे हाई-रिस्क कैदियों की श्रेणी में रखा गया था।
अधिकारी क्या कह रहे
मामले को लेकर अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल की रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस मौत के हर पहलू की गहन जांच कर रही है। साथ ही हत्या सहित अन्य संभावित एंगल को भी जांच में शामिल किया गया है। साल 2008 में जब गुर्जर आंदोलन चरम पर था, तब उसने सीधे उस समय तत्कालीन सीएम वसुंधरा राजे को उनके धौलपुर पैलेस को बम से उड़ाने की धमकी दे डाली थी. इसके बाद डकैत जगन पर ग्यारह लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
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