इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में निकाय चुनाव पास में हैं और पहले चरण के मतदान के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने का समय भी पास आ चुका है। 31 अगस्त लास्ट डेट है। इस बीच एक बड़ी खबर यह हैं कि नगरीय निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस ने टिकट वितरण को लेकर अपनी रणनीति बदल दी है। चुनावी जंग में गुटबाजी और टिकट को लेकर होने वाली बगावत से बचने के लिए पार्टी अब प्रत्याशियों की कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं करेगी।
मीडिया रिपोटर्स की माने तो कांग्रेस मुख्यालय से जिलों में सीधे सिंबल भेजे जाएंगे और जिला स्तर पर ही संभावित प्रत्याशियों को टिकट मिलने की जानकारी दी जाएगी। कांग्रेस की इस नई रणनीति को लेकर पार्टी के अंदर भी चर्चा है। एक पद के लिए बड़ी संख्या में नेताओं के आवेदन आने के बाद पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती जिताऊ उम्मीदवार चुनने की है।
कई निकायों में एक ही पद के लिए कई दावेदार मैदान में हैं। ऐसे में टिकट की घोषणा पहले कर देने पर नाराजगी और बगावत का खतरा बढ़ सकता है। इसी वजह से कांग्रेस ने टिकट घोषणा की जगह सीधे सिंबल वितरण पर जोर देने का फैसला किया है। प्रदेश कांग्रेस महासचिव स्वर्णिम चतुर्वेदी ने पार्टी की रणनीति को लेकर जानकारी दी है। उनके मुताबिक कांग्रेस मुख्यालय से सभी जिलों में सिंबल भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी। जिला स्तर पर जिला अध्यक्ष और विधानसभा ऑब्जर्वर को सिंबल देने की जिम्मेदारी दी जाएगी। यानी प्रत्याशी को यह पता चलेगा कि पार्टी ने उसे मैदान में उतारने का फैसला किया है, लेकिन इसके लिए कांग्रेस की ओर से पहले से कोई बड़ी आधिकारिक सूची जारी नहीं की जाएगी। कांग्रेस की तैयारी संभावित प्रत्याशियों को फोन पर टिकट मिलने की सूचना देने की भी है। संभावना है कि आज रात या परसों तक कई संभावित उम्मीदवारों को फोन के जरिए टिकट मिलने का मैसेज दिया जा सकता है।
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