Rajasthan : बकरीद पर जानवरों की कुर्बानियां पर रोक के साथ अब सड़क पर नमाज से भी विवाद...

Rajasthan: Along with the ban on animal sacrifice on Bakrid, now there is controversy over namaz on the road

Rajasthan : बकरीद पर जानवरों की कुर्बानियां पर रोक के साथ अब सड़क पर नमाज से भी विवाद...

इंटरनेट डेस्क। देशभर में मुसलमानों के पवित्र त्यौहार बकरीद के मौके पर उत्साह का माहौल है। हालांकि दूसरे वर्ग में इस त्यौहार के मौके पर होने वाली असुविधाओं को लेकर तनाव भी देखने को मिल रहा है। राजस्थान में भी बकरीद के मौके पर जानवरों की होने वाली कुर्बानियों पर रोक लगाने की मांग के बाद अब सड़क पर होने वाली नमाज को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश के कई हिंदूवादी संगठनों के साथ भारतीय जनता पार्टी ने भी सड़कों पर होने वाली नमाज को लेकर सवाल खड़े किए हैं और इस पर पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मॉडल पर काम करने की मांग की जा रही है।

 विरोध करने वालों के ये हैं तर्क 

सड़क पर होने वाली नमाज का विरोध करने वाले हिंदूवादी संगठनों के साथ भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेता भी शामिल हो गए हैं। इनका कहना है की नमाज होने के कारण राजधानी जयपुर की सड़कों पर कई घंटे तक लंबा जाम लग जाता है और इस कारण आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि कई मुख्य सड़क प्रदेश के मुख्य अस्पताल एसएमएस हॉस्पिटल तक जाती है और ऐसे में यदि कोई मरीज नमाज के समय में इस जाम में फंस जाता है तो फिर उसके साथ बहुत बुरा हो सकता है। सड़क पर नमाज को लेकर विरोध करने वाले नेताओं का कहना है कि पड़ोसी राज्य में जैसे सीएम योगी आदित्यनाथ में सड़कों पर नमाज पूरी तरह से बंद कर दिया कुछ इसी तरह भजनलाल सरकार को भी इस मामले में निर्णय लेना चाहिए। बता दे कि फिलहाल बकरीद के मौके पर होने वाली जानवरों की कुर्बानियों को लेकर मामला ठंडा हुआ नहीं है कि अब नमाज पर फिर से बवाल शुरू हो गया है।

मामले पर बोले प्रदेश मंत्री सत्येंद्र त्यागी 


राजस्थान बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता सत्येंद्र त्यागी ने इस मामले में खुलकर बात करते हुए कहा है कि यदि उत्तर प्रदेश की तरह राजस्थान समय दूसरे राज्यों में भी खड़े कम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में अक्सर इन आंखों पर माहौल खराब करने की कोशिश की जाएगी। सत्येंद्र त्यागी ने कहा कि सिर्फ भारतीय जनता पार्टी नहीं बल्कि अन्य लोगों का भी या मानना है कि इस मामले में सरकार को सीएम योगी आदित्यनाथ के मॉडल को अपनाना चाहिए जिससे कि प्रदेश में शांति और सुव्यवस्था बनी रहे। 

PC : abpnews