इंटरनेट डेस्क। शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए नौसेना कर्मी की पत्नी को निशाना बनाकर कथित ऑनलाइन दुर्व्यवहार की रविवार को निंदा की। हरियाणा के करनाल के रहने वाले भारतीय नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए 26 लोगों में शामिल थे। नरवाल अपनी पत्नी हिमांशी नरवाल के साथ पहलगाम में अपने हनीमून पर थे, जब आतंकवादियों ने 26 वर्षीय नौसेना अधिकारी को नजदीक से गोली मार दी। रविवार को एक्स पर प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि ट्रोलिंग और नफरत फैलाने के लिए जिम्मेदार लोग सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े हैं।
बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले में एक युवा नौसेना कर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी गई, आज उसकी युवा पत्नी को बदनाम किया जा रहा है, चरित्र हनन किया जा रहा है, उसके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है, उसे ट्रोल किया जा रहा है और उससे नफरत की जा रही है, क्योंकि उसने नफरत के बजाय न्याय की मांग की थी। चतुर्वेदी ने एक्स पर लिखा। उन्होंने कहा कि वह इस नुकसान से निपट रही है, वह वह है जिसे अपने मारे गए पति की यादों के साथ ही जीवन जीना होगा और इन बीमार ट्रोल्स के पास जो कुछ भी है वह और अधिक नफरत है, वे आतंकवादियों से किस तरह अलग हैं ? एक ने उसके पति को शारीरिक रूप से मार डाला, ये कीबोर्ड नफरत करने वाले उसकी आत्मा को मानसिक रूप से मार रहे हैं।
शिवसेना यूबीटी सांसद ने मामले पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव की चुप्पी के लिए भी आलोचना की। हमारे पास एक आईटी मंत्री है जो सोचता है कि वह इस पर आंखें मूंद सकता है क्योंकि नफरत फैलाने वाले उसकी पार्टी के समर्थक हैं। ये शर्मनाक और अमानवीय है। हिमांशी नरवाल ने गुरुवार को एक भावनात्मक अपील की कि मुसलमानों या कश्मीरियों के प्रति कोई नफरत नहीं होनी चाहिए।
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