Food Inflation 2026: त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले आम लोगों की रसोई का बजट एक बार फिर बिगड़ता नजर आ रहा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले अधिकांश खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे घर का मासिक राशन खर्च पहले के मुकाबले अधिक हो गया है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बीते पांच महीनों में 16 प्रमुख खाद्य वस्तुओं में से 15 के दाम बढ़े हैं। केवल एक वस्तु ऐसी रही, जिसकी कीमत में गिरावट देखने को मिली। ऐसे में महंगाई का असर सीधे आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है।
प्राइस मॉनिटरिंग सिस्टम के आंकड़े बताते हैं कि मार्च से अगस्त 2026 के बीच कई जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम ऊपर गए हैं। खासकर दाल, खाद्य तेल, मसाले, सब्जियां और अन्य आवश्यक सामान महंगे हुए हैं।
त्योहारी मांग बढ़ने से पहले कीमतों में यह तेजी घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, जिन प्रमुख खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, उनमें शामिल हैं—
गेहूं
चावल
आटा
अरहर दाल
उड़द दाल
मूंग दाल
मसूर दाल
चना दाल
खाद्य तेल
चीनी
दूध
आलू
प्याज
टमाटर
मसाले और अन्य आवश्यक किराना उत्पाद
इनमें अलग-अलग वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का स्तर अलग रहा, लेकिन कुल मिलाकर अधिकांश जरूरी सामान पहले से महंगे हो चुके हैं।
16 प्रमुख खाद्य वस्तुओं में केवल एक वस्तु ऐसी रही, जिसकी कीमत में कमी दर्ज की गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उस वस्तु का विस्तृत विवरण स्पष्ट नहीं किया गया है।
इसके बावजूद अधिकांश जरूरी खाद्य उत्पादों के महंगे होने से कुल घरेलू खर्च पर राहत नहीं मिल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहती है। यदि सप्लाई और मांग के बीच संतुलन नहीं बनता, तो कुछ वस्तुओं की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
हालांकि, बाजार की स्थिति, मौसम, फसल उत्पादन और सरकारी नीतियां भी खाद्य कीमतों को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण कारक हैं।
राशन के दाम बढ़ने का सबसे अधिक असर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ता है। हर महीने किराना, दाल, तेल, दूध और सब्जियों पर होने वाला खर्च बढ़ने से घरेलू बजट का संतुलन बिगड़ सकता है।
ऐसे समय में विशेषज्ञ जरूरत के अनुसार खरीदारी करने, अनावश्यक खर्च कम करने और घरेलू बजट की नियमित समीक्षा करने की सलाह देते हैं।
खाद्य महंगाई का सीधा असर आम लोगों की जीवनशैली पर पड़ता है। यदि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ती रहती हैं, तो परिवारों को अपने मासिक खर्च और बचत की योजना में बदलाव करना पड़ सकता है।
त्योहारी सीजन से पहले सामने आए ये आंकड़े संकेत देते हैं कि आने वाले महीनों में घरेलू बजट की बेहतर योजना बनाना पहले से अधिक जरूरी हो सकता है।